लखनऊ में बॉन्डेड डॉक्टरों का प्रदर्शन, पुलिस बस के आगे लेटीं महिला

लखनऊ में बॉन्डेड डॉक्टरों का प्रदर्शन, पुलिस बस के आगे लेटीं महिला डॉक्टर, बोलीं- ऊपर चढ़ा दो लखनऊ ।राजधानी लखनऊ में मंगलवार को समान वेतन की मांग को लेकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बॉन्डेड MBBS डॉक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा। हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को पुलिस ने जबरन उठाकर इको गार्डन धरना स्थल भेजने के लिए बस में भरने की कोशिश की तो हंगामा बढ़ गया। कई महिला डॉक्टरों ने पुलिस की बस को हाथों से धक्का देकर रोकने की कोशिश की। कुछ डॉक्टर बस के आगे जमीन पर लेट गईं और कहा - ऊपर चढ़ा दो, हम नहीं हटेंगे। पुलिस पर डॉक्टरों को टांगकर बस में भरने का आरोप लगा है। 40 दिन से चल रहा है आंदोलन यह प्रदर्शन सरकारी मेडिकल कॉलेजों के 2018, 2019 और 2020 बैच के बॉन्डेड डॉक्टर कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि समान डिग्री, बॉन्ड और सेवा की शर्तें होने के बावजूद उन्हें अलग-अलग वेतन दिया जा रहा है। वे वेतन में समानता लागू करने और बकाया एरियर के भुगतान की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का आरोप है कि वे पिछले 40 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक अपना वादा भूल गए हैं। 2 सितंबर को मिला था आश्वासन डॉक्टरों के मुताबिक, 2 सितंबर को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया गया था। डॉक्टर वेतन में असमानता के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और डिप्टी सीएम से मुलाकात की मांग पर अड़े थे। बारिश में भीगते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक गांधी प्रतिमा पहुंचे और करीब 20 मिनट तक डॉक्टरों से बातचीत की। डॉक्टरों का कहना है कि बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम ने बताया था कि मांगों से जुड़ी पत्रावली पूरी हो चुकी है और अगले दिन दोपहर 2 बजे तक समान वेतन समेत सभी मांगों को पूरा करने का शासनादेश जारी होने का भरोसा दिया था। इसके बाद डॉक्टरों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया था, लेकिन अब तक शासनादेश जारी नहीं हुआ है। *अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा* इस मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा है। तस्वीर और वीडियो X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा - सब इंकलाब की मुट्ठी तानो, बीजेपी सरकार बदल डालो। जिन्होंने भगवान के पैसे चुरा कर भगवान तक को धोखा दिया हो, वो भाजपाई धरती पर भगवान के रूप डॉक्टरों को भला क्या छोड़ेंगे। भाजपा पैसों को छोड़कर किसी की सगी नहीं है।