रुद्रपुर। तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने सोमवार को अध्यक्ष सत्यानंद पांडे

रुद्रपुर। तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने सोमवार को अध्यक्ष सत्यानंद पांडे के नेतृत्व में तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर पीठासीन अधिकारियों एवं उनके कार्यालयों की कार्यप्रणाली के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। अधिवक्ताओं ने न्यायिक एवं राजस्व मामलों के निस्तारण में अनियमितता, मनमानी तथा वादकारियों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि तहसील स्तर पर न्यायिक और राजस्व मामलों के निस्तारण में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिससे अधिवक्ताओं के साथ-साथ वादकारियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण और कार्यालयों की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। दिनभर चले धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरने में बार संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी, पूर्व मंत्री आनंद शंकर मणि, एल्डर्स कमेटी के सदस्य विजय सिंह, नागेंद्र राव, सुधांशु मौलि ओझा, परमहंस यादव, कृष्णमूर्ति मणि त्रिपाठी, शशिभूषण, सत्यप्रकाश, सौरभ गुप्ता, अशफाक अहमद, रणधीर सिंह, विकास दुबे, पंकज शुक्ला, गोपीनाथ यादव, विनय शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि आंदोलन के दौरान कोई भी प्रशासनिक अधिकारी अधिवक्ताओं से वार्ता करने नहीं पहुंचा।जिससे अधिवक्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।