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Deoria२६ मिनट पहले

नेक्स्ट अपडेट न्यूज़ देवरिया, सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत संदेश: नारायणपुर औराई

नेक्स्ट अपडेट न्यूज़ देवरिया, सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत संदेश: नारायणपुर औराई

नेक्स्ट अपडेट न्यूज़ देवरिया, सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत संदेश: नारायणपुर औराई में राम-रावण युद्ध के बाद हुआ रावण वध, अधर्म पर धर्म की विजय का गवाह बना मेला रुद्रपुर (देवरिया)। सत्य और असत्य, धर्म और अधर्म के बीच संघर्ष की प्रतीक रामायण की कथा आज भी समाज को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रही है। इसी परंपरा को जीवंत रखते हुए रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के एकौना थाना अंतर्गत ग्राम नारायणपुर औराई में विजयादशमी के अवसर पर सदियों पुरानी रामलीला का भव्य मंचन किया गया। शाम को भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए भीषण युद्ध के उपरांत रावण वध हुआ। इसके साथ ही पूरा वातावरण जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। गांव के कलाकारों ने निभाए रामायण के प्रमुख पात्र इस ऐतिहासिक रामलीला की खास बात यह रही कि भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, रावण, हनुमान, मेघनाद, अंगद और कुंभकरण सहित रामायण के विभिन्न पात्रों की भूमिका गांव के ही कलाकारों ने निभाई। गांव के निवासी रामजी राव रावण की भूमिका कर अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। मेघनाथ की भूमिका में चंदन राव वहीं राम, की भूमिका में ओम शुक्ला, लक्ष्मण की भूमिका में अंश शुक्ला, और सीता की भूमिका में आलोक शुक्ला , हनुमान की भूमिका में घनश्याम यादव इत्यादि स्थानीय कलाकार नजर आए। ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से आयोजित यह रामलीला आज भी पुरानी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है। रावण वध का संदेश—अहंकार कितना भी बड़ा हो, अंत में जीत सत्य की होती है राम और रावण के बीच युद्ध केवल दो योद्धाओं का संघर्ष नहीं, बल्कि सत्य और असत्य के बीच निरंतर चलने वाली लड़ाई का प्रतीक है। रावण विद्वान और शक्तिशाली होने के बावजूद अपने अहंकार तथा अधर्म के कारण पराजित हुआ, जबकि भगवान श्रीराम ने सत्य, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलते हुए विजय प्राप्त की। नारायणपुर औराई में आयोजित रामलीला भी समाज को यही संदेश देती है कि अन्याय, अहंकार और असत्य चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः सत्य और न्याय की विजय होती है

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