भारतीय दूतावास ने राकेश चौहान मामले का लिया संज्ञान, वेनेजुएला से गहन
भारतीय दूतावास ने राकेश चौहान मामले का लिया संज्ञान, वेनेजुएला से गहन जांच की मांग रुद्रपुर, देवरिया। वेनेजुएला की राजधानी काराकास स्थित भारतीय दूतावास ने दिवंगत भारतीय नाविक राकेश चौहान के पार्थिव शरीर से कथित रूप से अंग निकाले जाने और उनके साथ कथित अमानवीय व्यवहार के मामले को गंभीरता से लिया है। दूतावास ने वेनेजुएला के संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। दूतावास के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन के समक्ष मामला उठाया गया और भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) को भी इससे अवगत कराया गया है। भारतीय मिशन लगातार इस मामले की निगरानी कर रहा है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने भारतीय दूतावास की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सबसे दुखद पहलू यह रहा कि मृतक के परिजनों को घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी समय पर नहीं दी गई। भारत के देवरिया में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराए जाने के बाद ही कथित रूप से पार्थिव शरीर से अंग निकाले जाने की जानकारी सामने आई। FSUI ने मांग की है कि संबंधित अस्पताल पूरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करे, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाए, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो तथा मृतक के परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। यूनियन का कहना है कि समुद्री कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार का अमानवीय व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस घटना ने विदेशों में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब डीजी शिपिंग, शिपिंग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय (MEA) से मामले में शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।