यूजीसी के नए नियमों के विरोध में भूमिहार महासभा ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

--- यूजीसी के नए नियमों के विरोध में भूमिहार महासभा ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन बांसगांव, गोरखपुर, बांसगांव संदेश। अखिल भारतीय भूमिहार महासभा (रजि.) की ओर से यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। महासभा ने राष्ट्रपति महोदय, भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन भेजकर इन नियमों को संविधान के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध बताया है। ज्ञापन में कहा गया है कि यूजीसी की नई नीति छात्रों के बीच जाति, धर्म और लिंग के आधार पर भेदभाव को बढ़ावा देती है, जो सामाजिक समरसता और समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है। महासभा का आरोप है कि यह नीति संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 17, 18 और 21 का उल्लंघन करती है। महासभा ने कहा कि इस व्यवस्था से विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों और शिक्षकों दोनों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के बनाई गई ऐसी नीतियां शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर सकती हैं और छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। ज्ञापन में राष्ट्रपति से मांग की गई है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यूजीसी की नई नीति पर पुनर्विचार किया जाए और छात्रों व शिक्षकों के हित में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। इस मौके पर महेंद्र नाथ मिश्रा, रघुवंश राय, पंकज राय, संजीव राय, अविनाश राय, पवन राय, प्रेम नारायण राय, राम अतुल, प्रमोद सिंह सहित अन्य लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बांसगांव को सौंपा। -