दुद्धी सोनभद्र सीएचसी में एनएचएम संविदा कर्मियों का कार्य बहिष्कार जारी,

दुद्धी सीएचसी में एनएचएम संविदा कर्मियों का कार्य बहिष्कार जारी,लखनऊ प्रदर्शन के बाद भी ठोस निर्णय नहीं,प्रदर्शनकारियों ने कहा..भीख नहीं, अपना हक मांग रहे हैं दुद्धी (सोनभद्र)। छह सूत्रीय मांगों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। ब्लॉक अध्यक्ष विष्णु दयाल के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर शासन के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के चलते ओपीडी समेत सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि आपातकालीन सेवाओं को इससे अलग रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 12 अक्तूबर को लखनऊ में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन हो चुका है, लेकिन उसके बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं निकला है और न ही ऊपरी स्तर से अधिकारियों को कोई आदेश जारी हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविदा कर्मचारियों की मांगों को लगातार अनदेखा कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता, कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन ऊपर से आदेश न आने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कर्मचारी कोई भीख नहीं मांग रहे हैं, बल्कि अपने वैधानिक अधिकार और सेवा सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों की मांगों में संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, 10 लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा तथा डीए, ईपीएफ और एचआरए का लाभ शामिल है। इसके अलावा गैर-जनपद स्थानांतरण की पारदर्शी व्यवस्था, सेवा के दौरान मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति, आउटसोर्स कर्मचारियों का एनएचएम में समायोजन और नियमित भर्ती में संविदा कर्मियों को 25 प्रतिशत वेटेज देने की मांग की गई है। संघ प्रतिनिधियों ने कहा कि संविदा कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें सेवा सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदेश के एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने 8 से 10 अक्तूबर तक कार्य बहिष्कार तथा 12 अक्तूबर से लखनऊ में प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया था। प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष विष्णु दयाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।