आदिवासियों की समस्याओं और भ्रष्टाचार को लेकर विंध्याचल मंडलायुक्त को ज्ञापन

आदिवासियों की समस्याओं और भ्रष्टाचार को लेकर विंध्याचल मंडलायुक्त को ज्ञापन जुगैल और खरहरा गांव में बिजली, पानी और आवास की बदहाली का उठा मुद्दा चकबंदी प्रपत्र-5 और वरासत के नाम पर अवैध वसूली का आरोप असंक्रमणीय भूमि को संक्रमणीय करने की मांग ग्राम जुगैल के टोला झरपिया और खरहरा में आजादी के बाद भी बिजली-सड़क मयस्सर नहीं, अंधेरे में कट रही रातें सोनभद्र जनपद के ग्रामीण व आदिवासी अंचलों में व्याप्त भ्रष्टाचार, बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के खिलाफ मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को विंध्याचल मंडल के मंडलायुक्त (कमिश्नर) को संबोधित एक व्यापक मांग-पत्र सौंपा गया। इस 11 सूत्रीय ज्ञापन के जरिए सोनभद्र के जुगैल और खरहरा जैसे सुदूर आदिवासी बाहुल्य गांवों की जल, थल, और बिजली से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए त्वरित दंडात्मक व सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। मंडलायुक्त को अवगत कराया गया कि सोनभद्र जनपद में चकबंदी प्रपत्र संख्या-5 को दाखिल करने, वरासत दर्ज करने और म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है। लेखपाल, कानूनगो, एसीओ और सीओ स्तर पर बिना सुविधा शुल्क (रिश्वत) के कोई काम नहीं किया जा रहा है। अवैध वसूली के लिए बकायदा रकम निर्धारित की गई है, जिससे सीधे-साधे ग्रामीण और आदिवासी बेहद परेशान हैं और उनका मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न हो रहा है। इस संबंध में मांग की गई कि इस मनमाने रवैये पर रोक लगाई जाए और सभी आदिवासी भाइयों की खतौनी में दर्ज असंक्रमणीय भूमि को नियमानुसार संक्रमणीय (भूमिधरी अधिकार) में परिवर्तित किया जाए। ज्ञापन में ग्राम पंचायत जुगैल और खरहरा के विभिन्न टोलों की जमीनी हकीकत बयां करते हुए निम्नलिखित गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। ग्राम जुगैल के टोला झरपिया और ग्राम खरहरा के एक टोले में आज तक बिजली के पोल (खंभे) नहीं लग पाए हैं। इसके कारण करीब 30 से 35 आदिवासी परिवार आज के डिजिटल युग में भी घने अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। जुगैल के टोला जोरबा में पेयजल की समय-सारणी निर्धारित होने के बावजूद पूरे दिन में महज एक बार पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे भीषण जल संकट खड़ा हो गया है। जुगैल में पीडब्ल्यूडी (PWD) द्वारा बनाई गई सड़कें पहली ही बरसात में बह गईं। ठेकेदार और जेई की घोर लापरवाही के कारण गुणवत्ताविहीन सड़कें बनाई गईं जो अब पूरी तरह ध्वस्त हैं। वहीं, झरपिया सरकारी स्कूल के पीछे, रासखोली, सिरगीडाड़ और खरहरा के टोला अगरखोलिया में खड़ंजा या सड़क न होने से ग्रामीण कीचड़ में चलने को विवश हैं। ग्राम जुगैल के टोला परजिदहिया में स्टेट बैंक (SBI) के पास एक वर्ष पूर्व नाली का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, जो अब किसी बड़ी दुर्घटना को दावत दे रहा है।शिकायती पत्र में कहा गया कि जुगैल, झरपिया, जोरबा, मुर्गीडांड सहित कई स्थानों पर ऐसे दर्जनों गरीब, असहाय, विकलांग और विधवा महिलाएं हैं, जिन्हें आज तक मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला। कई परिवार ऐसे हैं जो इस मूसलाधार बरसात में तिरपाल और टूटी छाया के नीचे रातें बिता रहे हैं। इन्हें अविलंब पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए। इसके अतिरिक्त, मांग-पत्र में जनपद के छूटे हुए सभी पात्र आदिवासी परिवारों तथा समाज के सजग प्रहरी यानी पत्रकार साथियों का प्राथमिकता के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की पुरजोर मांग की गई, ताकि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। मंडलायुक्त महोदय ने सभी 11 बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आख्या प्रस्तुत करने और भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस व्यापक जनहितैषी मुद्दे को लेकर मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख पदाधिकारी और जिम्मेदार नाम शामिल रहे। संतोष साहनी (जिला अध्यक्ष) अजीत प्रताप सिंह (जिला अध्यक्ष प्रतिनिधि) विकास अग्रहरि (जिला उपाध्यक्ष) कामेश्वर विश्वकर्मा (जिला उपाध्यक्ष) मुकेश भारती (ओबरा नगर अध्यक्ष) अजयन्त सिंह (अनपरा नगर अध्यक्ष)बजरंगी कुमार मिश्रा (मिर्जापुर युवा मंडल अध्यक्ष) शामली रहे।