डाला गोली कांड( 2जून 1991) की कहानी -------------------------------------------- निहत्थे सीमेंट मजदूरों पर

डाला गोली कांड( 2जून 1991) की कहानी -------------------------------------------- निहत्थे सीमेंट मजदूरों पर बर्बर गोलीकांड की घटना 2जून 1991को दोपहर बाद 3.20 बजे सोनभद्र,उ.प्र. की डाला सीमेंट फैक्ट्री के कालोनी गेट के सामने मुख्य मार्ग पर हुई थी। इस घटना को याद कर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सांकेतिक चक्का जाम कर एवं दो मिनट का मोनधारण कर उस दिन को डाला के लोगों ने याद किया यह निजीकरण के विरोध में श्रमिकों के सत्याग्रह और सरकारी नरसंहार की विश्व की सबसे बड़ी घटना थी।इसमें कवि रामप्यारे विधि, शैलेंद्र राय, नरेश राम, दीनानाथ, रामधारी, सुरेंद्र द्विवेदी, नंदलाल ,बालगोविंद -आठ मजदूरों और छात्र राकेश की मौत हुई थी।पचास से अधिक घायल हुए तथा सौ से अधिक गिरफ्तार हुए थे।कारण था -तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार द्वारा राज्य सीमेंट की डाला,चुर्क ,चुनार की हजारों करोड़ की संपत्तियों को डालमिया इंडस्ट्रीज को मात्र डेढ़ करोड़ में बेचने का अनुबंध।इस अन्यायपूर्ण और अपमान -जनक समझौते के विरोध में श्रमिक प्रदर्शन, धरना ,रास्ताजाम कर रहे थे। आज तक समझ में नहीं आया कि समाजवादी पार्टी के मुख्यमंत्री ने मजदूरों पर गोली चलाने का हुकुम क्यों दिया?