मध्यप्रदेश निवेश का नया केंद्र, राजस्थान के निवेशकों को दिया आमंत्रण : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को देश के औद्योगिक विकास का उभरता हुआ केंद्र बताते हुए राजस्थान के निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान न केवल सांस्कृतिक रूप से, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी स्वाभाविक साझेदार हैं और मिलकर सेंट्रल इंडिया को औद्योगिक शक्ति केंद्र बना सकते हैं। जयपुर में आयोजित ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ विषयक इंटरैक्टिव सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण, सरल नीतियां और मजबूत इकोसिस्टम उपलब्ध है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश में बेहिचक निवेश करें, राज्य सरकार हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 26 नई नीतियां लागू की गई हैं, साथ ही स्पेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर के लिए भी नीति लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ‘ग्रीन, क्लीन और सोलर एनर्जी कैपिटल’ के रूप में तेजी से उभर रहा है और यहां देश का पहला पावर एवं रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है, जिससे दोनों राज्यों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योग स्थापना के लिए सिंगल विंडो सिस्टम ‘इन्वेस्ट एमपी 3.0’ लागू है, जिससे प्रक्रियाएं सरल और पारदर्शी बनी हैं। राजस्थान सरकार के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल है और दोनों राज्य मिलकर औद्योगिक विकास को नई गति दे सकते हैं। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में 1 लाख एकड़ से अधिक भूमि औद्योगिक विकास के लिए उपलब्ध है तथा निवेशकों को आकर्षक सब्सिडी एवं सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस दौरान विभिन्न उद्योगपतियों ने भी मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक अनुभव साझा किए। नर्मदापुरम जिले के बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में 1650 करोड़ रुपये के निवेश का उदाहरण देते हुए उद्योग जगत ने राज्य की नीतियों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कई उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।