वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सख्त आवश्यकता है- योगेश सिंह सुलतानपुर।
वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सख्त आवश्यकता है- योगेश सिंह सुलतानपुर। कूरेभार क्षेत्र के निदूरा गांव में संचालित राणा प्रताप विधि कालेज में रविवार को महाविद्यालय परिसर में गोष्ठी के साथ प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शैक्षिक गुणवत्ता, छात्र सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महाविद्यालय में वर्तमान में तीन वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम संचालित है, जिसमें कुल 60 सीटें निर्धारित हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि भविष्य में पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम भी प्रारंभ करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय विधि शिक्षा का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। प्रबंध समिति ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विधि छात्रों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने का भी निर्णय लिया। साथ ही खिलाड़ियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उन्हें भी विशेष प्रोत्साहन और शुल्क में राहत देने की व्यवस्था की जाएगी. महाविद्यालय के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि विधि शिक्षा अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हर घर तक पहुंचनी चाहिए। इसी उद्देश्य से इस ग्रामीण क्षेत्र में कालेज की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि बालिकाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए वाहन की विशेष व्यवस्था की जाएगी तथा उन्हें हर आवश्यक शैक्षिक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रबंधक योगेश सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सख्त आवश्यकता है। महाविद्यालय का लक्ष्य है कि यहां से प्रशिक्षित होकर निकलने वाले छात्र विधि क्षेत्र में उत्कृष्ट पहचान बनाएं। छात्राओं के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे अधिक से अधिक बेटियां विधि शिक्षा की ओर अग्रसर हों। बैठक के पश्चात प्रबंध समिति के सदस्यों द्वारा पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर प्रबंध समिति के उप प्रबंधक देवांश सिंह, करुणा शंकर द्विवेदी, महेंद्र शर्मा, जितेंद्र श्रीवास्तव,दिनेश कुमार,आशीष अग्रवाल, सुनील सिंह, सूर्यभान सिंह, अरविंद कुमार पाण्डेय ,बाल चंद्र सिंह, प्रो डी के त्रिपाठी , डॉ. एम पी सिंह,डॉ संतोष अंश, विनय सिंह, धीरेंद्र मिश्रा इंद्रेश त्रिपाठी, मोहम्मद कनीस सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में क्षेत्र के छात्र-छात्राओं से अधिक संख्या में प्रवेश लेकर महाविद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों का लाभ उठाने का आह्वान भी किया गया।