जनता दर्शन में डीएम दीपक मीणा ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं अनएकेडमी

जनता दर्शन में डीएम दीपक मीणा ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं अनएकेडमी कोचिंग में पाठ्यक्रम अधूरा छोड़ने और दूसरे संस्थान में भेजने की शिकायत विद्यार्थियों ने पुराने शिक्षकों से पढ़ाई पूरी कराने या फीस वापस दिलाने की मांग की छात्रवृत्ति में जाति निर्धारण के आधार पर समाज कल्याण अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश गोरखपुर। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में अनएकेडमी कोचिंग संस्थान में पाठ्यक्रम अधूरा छोड़ने, विद्यार्थियों को दूसरे संस्थान में भेजने और अतिरिक्त शुल्क मांगने की शिकायत सामने आई। वहीं, छात्रवृत्ति के लिए जाति निर्धारण के आधार को लेकर भी शिकायत की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित मामलों में तथ्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। कोचिंग संस्थान से संबंधित मामले में विद्यार्थियों ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उन्होंने नीट और जेईई की तैयारी के लिए अनएकेडमी कोचिंग में प्रवेश लिया था। विद्यार्थियों के अनुसार, निर्धारित वार्षिक शुल्क के तहत कुछ ने पूरी फीस जमा कर दी थी, जबकि कुछ विद्यार्थियों ने आंशिक भुगतान किया था। उनका कहना है कि संस्थान प्रबंधन ने पूरा पाठ्यक्रम पढ़ाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब प्रबंधक राजीव तिवारी की ओर से पाठ्यक्रम पूरा कराने में असमर्थता जताई जा रही है। विद्यार्थियों ने शिकायत में बताया कि उन्हें दूसरे संस्थान आकाश कोचिंग की सिटी मॉल शाखा में भेज दिया गया है। वहां की शिक्षण व्यवस्था और पढ़ाने का तरीका उनके अनुकूल नहीं है, जिसके कारण विषयों को समझने में परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों ने अतिरिक्त शुल्क मांगे जाने की शिकायत भी की। उनका कहना है कि इस पूरी स्थिति से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी से मांग की कि उनका पाठ्यक्रम पूर्व में पढ़ा रहे शिक्षकों से ही पूरा कराया जाए, ताकि उनकी तैयारी प्रभावित न हो। यदि ऐसा संभव नहीं है तो नियमानुसार जमा की गई फीस वापस दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। विद्यार्थियों का कहना है कि कोचिंग संस्थान की व्यवस्था में बदलाव के कारण उनकी पढ़ाई का नुकसान नहीं होना चाहिए। वहीं, छात्रवृत्ति से जुड़े एक अन्य मामले में जाति निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। शिकायतकर्ता ने कहा कि छात्रवृत्ति का लाभ संबंधित विद्यार्थी की वास्तविक जाति और लागू नियमों के अनुसार दिया जाना चाहिए। शिकायत में सरनेम के आधार पर जाति निर्धारित किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसका आधार स्पष्ट करने की मांग की गई। इस पर जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी से संबंधित मामले में स्पष्टीकरण लेने तथा जाति निर्धारण के आधार और उपलब्ध अभिलेखों की जांच करने के निर्देश दिए। शिकायत में एक गैर-सरकारी संगठन को अनुमोदन दिए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। शिकायतकर्ता ने मांग की कि संबंधित संगठन को अनुमोदन देने में लागू सरकारी निर्देशों, निर्धारित नियमों और आवश्यक स्वीकृतियों का पालन किया गया है या नहीं, इसकी जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित अभिलेखों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाए और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही बरतने पर जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई, छात्रवृत्ति और अन्य समस्याओं का उचित समाधान हो सके।