*सीएम डैशबोर्ड प्रगति समीक्षा बैठक में राजस्व कार्यों पर जोर* *मुख्य राजस्व
*सीएम डैशबोर्ड प्रगति समीक्षा बैठक में राजस्व कार्यों पर जोर* *मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा ने अधिकारियों को दिए सख्त दिशा-निर्देश* गोरखपुर। जनपद में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और राजस्व संबंधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु सीएम डैशबोर्ड प्रगति बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) हिमांशु वर्मा ने की, जिसमें विभिन्न तहसीलों के एसडीएम, अपर एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार सहित राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सीआरओ ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन के सख्त निर्देश दिए। बैठक में एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, एसडीएम गोला अमित जायसवाल, एसडीएम बांसगांव प्रदीप सिंह, एसडीएम चौरी-चौरा कुंवर सचिन सिंह, एसडीएम कैम्पियरगंज सिद्धार्थ पाठक, एसडीएम खजनी राजेश सिंह एवं एसडीएम सहजनवा केशरी नंदन तिवारी सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सीआरओ हिमांशु वर्मा ने बैठक के दौरान सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज विभिन्न बिंदुओं—जैसे वरासत (उत्तराधिकार) के मामलों का निस्तारण, खतौनी सुधार, भूमि विवादों का समाधान, अवैध कब्जों की कार्रवाई, राजस्व वसूली तथा सरकारी योजनाओं की प्रगति—की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शासन स्तर पर इन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि वरासत और नामांतरण के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समयसीमा के भीतर निस्तारित किया जाए। लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही, खतौनी में त्रुटियों को सुधारने के लिए तकनीकी टीमों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने पर बल दिया गया। भूमि विवादों के मामलों पर चर्चा करते हुए सीआरओ ने कहा कि ऐसे प्रकरणों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से तहसील दिवस और थाना समाधान दिवस का आयोजन कर शिकायतों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करें। अवैध कब्जों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सीआरओ ने निर्देश दिया कि सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके लिए राजस्व और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पारदर्शी और प्रभावी होनी चाहिए। राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीआरओ ने पाया कि कुछ तहसीलों में लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं हो पा रही है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वसूली अभियान में तेजी लाई जाए और बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी अधिकारी सीएम डैशबोर्ड पर डेटा अपडेट समय से करें, ताकि वास्तविक स्थिति का सही आकलन हो सके। डेटा फीडिंग में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। सीआरओ ने अधिकारियों से कहा कि वे फील्ड में जाकर कार्यों की नियमित निगरानी करें और समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर करें। उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता से संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें। बैठक के अंत में सीआरओ हिमांशु वर्मा ने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पूरा करना ही सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया और जनपद में राजस्व कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता जताई।