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Krishna Kant Singh Hamirpur
Hamirpur८ मिनट पहले

आवास के नाम पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप, रंजिश के चलते तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर परिवार

आवास के नाम पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप, रंजिश के चलते तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर परिवार

सरीला हमीरपुर - सरीला विकासखंड क्षेत्र के हरसुंडी गांव से प्रशासनिक उपेक्षा और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। गांव निवासी बाबूराम यादव ने ग्राम विकास अधिकारी पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने और पुरानी रंजिश के चलते आवास से वंचित रखने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित बाबूराम यादव के मुताबिक करीब दो वर्ष पूर्व उनका कच्चा मकान अचानक ध्वस्त हो गया था। हादसे के दौरान मलबे में दबने से उनकी बकरियों की मौत भी हो गई थी। मकान ढहने के बाद से परिवार के सामने सिर छिपाने की समस्या बनी हुई है। परिवार टूटे हुए मकान के अवशेषों, ईंटों के ढेर तथा तिरपाल और घास-फूस से बनाई गई अस्थायी झोपड़ी में रहने को मजबूर है। आवास के नाम पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप बाबूराम यादव का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पात्र होने के बावजूद उनका नाम आवास की सूची में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम विकास अधिकारी द्वारा आवास दिलाने के एवज में कथित तौर पर 10 हजार रुपये की मांग की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह परिवार का भरण-पोषण दूसरों के मवेशी चराकर किसी तरह कर रहा है। गौशाला की शिकायत से नाराजगी का भी आरोप पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसने पूर्व में गांव की गौशाला में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर शिकायत की थी। इसी बात को लेकर ग्राम विकास अधिकारी कथित रूप से उससे नाराज हैं। बाबूराम के अनुसार सचिव ने कथित तौर पर उसे चेतावनी दी कि जब तक वह गांव का सचिव है, तब तक उसे आवास नहीं मिलेगा। पीड़ित का कहना है कि एक ओर परिवार के पास सुरक्षित रहने के लिए पक्का मकान नहीं है, वहीं दूसरी ओर सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप उसे और परेशानी में डाल रहा है। निष्पक्ष जांच और आवास की मांग बाबूराम यादव ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपों की सत्यता की जांच कर संबंधित सचिव के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने तथा पात्रता के आधार पर परिवार को जल्द से जल्द पक्का आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि शिकायत के बाद प्रशासन मामले की जांच किस स्तर पर कराता है और जांच में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या सामने आती है। पीड़ित परिवार को फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई और आवास मिलने का इंतजार है।

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