घोड़ेडीह में विकास कार्यों में अनियमितता की जांच, शिकायतकर्ता ने मांगी कड़ी

घोड़ेडीह में विकास कार्यों में अनियमितता की जांच, शिकायतकर्ता ने मांगी कड़ी कार्रवाई भीरपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत घोड़ेडीह में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता के आरोपों को लेकर बुधवार को गठित जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता आलोक मिश्रा द्वारा जिलाधिकारी प्रयागराज से की गई शिकायत के आधार पर की गई। आलोक मिश्रा ने आरोप लगाया है कि मनरेगा, राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त मद से कराए गए विभिन्न विकास कार्यों में धांधली की गई है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे। निर्देश के क्रम में सहायक अभियंता जल निगम एवं नोडल जांच अधिकारी करछना पुष्कर गोयल, जेई आरईडी कोरांव राजेंद्र तथा पंचायत सचिव प्रियम बुधवार दोपहर पंचायत भवन पहुंचे। टीम ने शिकायतकर्ता आलोक मिश्रा एवं प्रधान प्रतिनिधि दिनेश सोनकर को फोन के माध्यम से बुलाकर शिकायत पत्र में उल्लिखित बिंदुओं की क्रमवार जांच की। जांच के दौरान नाली निर्माण, चकमार्ग, इंटरलॉकिंग, रिबोर सहित अन्य कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर कार्य अधूरे हैं या गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं कराए गए। गांव में बिजली के खंभों पर लाइट नहीं लगाए जाने तथा रिबोर का कार्य न होने के बावजूद भुगतान निकाले जाने की बात भी सामने आई। वहीं आंगनबाड़ी केंद्र पर लगभग 35 मीटर इंटरलॉकिंग के लिए करीब 6 लाख रुपये निकाले जाने का भी आरोप लगाया गया। निरीक्षण के दौरान ज्यादा खामियां सामने आने की चर्चा रही। जांच अधिकारियों ने शिकायतकर्ता सहित अन्य ग्रामीणों से संबंधित साक्ष्य शपथ पत्र के साथ कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा तथा निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, जांच के बाद अब तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे शिकायतकर्ता पक्ष में असंतोष बना हुआ है। जांच के समय बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता पक्ष, तथा ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।