प्रकाश नार्थ अन्याय के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिखने से खफा सामंती
प्रकाश नार्थ अन्याय के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिखने से खफा सामंती ताकतों ने ली विनोद साहनी की जान अति पिछड़ों खासकर निषादो, दलितों, अल्पसंख्यकों के न्याय की भावना को कुचल देने पर सरकार अमादा गोंडा जिले के परसपुर के शाहपुर चौराहे पर बर्तन की दुकान करने वाले विनोद निषाद की 9 सितंबर 2026 को गांव के ही राजपूत बिरादरी के मन बढ़ों ने (जो अपने भाजपाई पहनावे के साथ सामने आए हैं ) सायं 8:00 बजे बर्बर तरीके से पीट-पीटकर मार डाला। बाद में चाकू और गोली मारकर मरा जानकर आस्वस्त हुए। केजीएमसी लखनउ में पोस्टमार्टम के बाद लाश गांव में आई। यह वही विनोद साहनी है जिन्होंने 2023-24 में पूर्व सांसद फूलन देवि के पैतृक गांव जाकर, दो माह रह कर, उनकी मूर्ति व उनकी बुढ़ी मां के लिए घर बनवाए थे। ऐसे समय में जब ठाकुरों के आतंक के चलते उनके गांव में कोई जाना नहीं चाहता था तब साहसी युवक विनोद ने हिम्मत के साथ उस बिहड़ गांव में दो माह तक रहकर घर बनवाए थे। तब से विनोद साहनी फूलन के प्रति भक्ति भाव से अभिभूत थे। उनके साथ हुए अत्याचार से मर्माहत रहते थे और अत्याचार करने वाले जाति समूह से नफरत करते थे। और अपनी बात सोशल मीडिया पर लिखते रहते थे। वर्तमान में भी इस तरह के अत्याचार से परेशान रहते थे कुछ होता न देखकर निराशा में लिखते रहते थे। उनके इस तरह के लिखने से अत्याचारी जाति के लोग उनसे नफरत करते थे, और सबक सिखाने के लिए अवसर की तलाश में थे। और 9 सितंबर को अवसर पाकर हत्या को अंजाम दिए। विनोद साहनी की हत्या बहुत ही सुनियोजित संगठित और प्रशासन के संरक्षण में कराई गई है। शासन की नीति के अनुसार अति पिछड़ों दलितों अल्पसंख्यकों के लिए ना तो कोई अहेतुक आर्थिक सहायता है। नौकरी देने न्याय देने का तो कोई सवाल ही नहीं है। कल 11 सितंबर को शाहपुर चौराहे पर 10:00 बजे से ही हजारों महिला पुरुष विनोद की लाश लेकर बैठे थे, परिजनों की मांग थी कि डीएम एसपी मौके पर आए और लिखित आश्वासन दें। डीएम एसपी 1:00 बजे चौराहे पर पहुंचे भी लेकिन डीएम साहिबा का रवैया आक्रामक था। लोगों के डिमांड पर उन्होंने माइक से सिर्फ इतनी घोषणा की कि जो भी मांगे हैं उसे पर विधिपूर्वक नियम अनुसार त्वरित कार्यवाही कराई जाएगी। न तो कोई तत्काल आर्थिक सहायता और नहीं कोई सुरक्षा की घोषणा की गई। इसलिए उपस्थित जनसमूह निरसा और गुस्से में होकर परिजनों के साथ लाश लेकर गांव गए और दाह संस्कार कर दिए ।माननीय मंत्री मत्स्य केजीएमसी में तो धरने पर बैठे, लेकिन शाहपुर चौराहे पर लाश के साथ जनसमूह में नहीं आए। आमने-सामने डीम से कोई ठोस मांगे पूरा नहीं कराई। गोंडा सर्किट हाउस में बैठे रहे। नेता के नाम पर पूर्व मंत्री बुजुर्ग शंख लाल माझी मौजूद थे जो किसी तरह से खत्म करने के जल्दी में थे। इसीलिए प्रशासन ने बिना किसी ठोस मांगे मानने के जन समूह को लाश के साथ वापस गांव में भेज दिया। भाकपा माले राज्य स्थाई समिति सदस्य राजेश साहनी के नेतृत्व में एक टीम भी लाश के साथ चौराहे पर परिजनों के साथ थी और फिर विनोद के घर गई। वहा उपस्थित लोगों से बातचीत कर तथ्यों की जानकारी ली। दाह संस्कार के बाद वापसलोटी ।और मांग की। 1- विनोद के परिजनों को तत्काल दो करोड़ का मुआवजा दिया जाए एवं दो एकड़ जमीन दिया जाए। 2- परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिया जाए एवं सुरक्षा प्रदान किया जाए। 3- निशुल्क कानूनी सहायता दिया जाए एवं हत्यारों को जेल भेजा जाए, उनके संरक्षकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर कारवाई किया जाए। 4- गोंडा के डीएम एसपी को तत्काल हटाया जाए। भाकपा माले की टीम में राज्य कमेटी सदस्य राम लौट, गोरखपुर जिला कमेटी के सदस्य बजरंग के लाल निषाद, शिव भोले निषाद, बस्ती से रमेश चंद्र निषाद, साथी निर्मल एवं अन्य लोग शामिल रहे। राजेश साहनी राज्य स्थाई समिति सदस्य भाकपा माले उत्तर प्रदेश 11/09/2026