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Gorakhpurलगभग १६ घंटे पहले

बीमारियों से मुक्ति पाने को दवा नहीं भोजन में परिवर्तन जरूरी - सुनील कुमार

बीमारियों से मुक्ति पाने को दवा नहीं भोजन में परिवर्तन जरूरी - सुनील कुमार

* बड़हलगंज एक दिवसीय एन.डी.एस. स्वास्थ्य शिविर * विधायक राजेश त्रिपाठी और चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारम्भ बड़हलगंज। समूचा विश्व आसाध्य बीमारियों की चपेट में है रोज नई दवाईयां बाजार में आ रही है लेकिन बीमारियां खत्म होने की बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। बीमारियों से मुक्ति पाने का सबसे अच्छा विकल्प है एनडीएस तकनीकी यानी भोजन की प्रक्रिया में बदलाव। यह मानव शरीर बीमारियों से हमेशा के लिए मुक्त कर सकता है। गुरुवार को बड़हलगंज स्थित राजयोग प्रशिक्षण केंद्र, ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्विद्यालय में आयोजित एक दिवसीय एनडीएस स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ डॉ सुनील कुमार गुप्ता ने उक्त उदगार व्यक्त करते हुए बताया कि किस प्रकार हम सभी अपने दैनिक भोजन की तकनीकी में बदलाव कर हम अपने शरीर को पूर्ण निरोगी बना सकते है। शिविर में उपस्थित जन समूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सभी में यह भ्रांति है कि बिना भोजन के हम कमजोर या बीमार हो जायेंगे जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है। हमें यह समझना होगा कि दवाइयां बीमारी को खत्म नहीं करती केवल उसकी शक्ति कम करती है और भोजन हमारी शक्ति नहीं आसक्ति है। भोजन के केवल तीन कार्य ही है, शरीर का बनना, 25 वर्ष की उम्र तक उसका विकास करना और मांसपेशियों के टूट फूट की रिपेयरिंग करना। हमारे ऋषि मुनियों, रामायण और गीता की माने तो शक्ति प्राप्ति के तीन साधन होते हैं पहला अच्छी नींद दूसरा ध्यान और तीसरा संकल्प। शरीर को स्वस्थ और पुष्ट रखने के लिए उन्होंने भगवान राम के वनवास के दिनों का उदाहरण देते हुए कहा कि हम सब प्राकृतिक तरीके को अपना कर रोग मुक्ति पा सकते है इसके लिए पत्रम, पुष्पम, फ़लम, तोयम की शरण में जाना होगा। उन्होंने नई भोजन तकनीकी से रोगमुक्ति के सिद्धान्त के संस्थापक इंजी. बी बी चौहान का उदाहरण देते हुए बताया कि वे बचपन से ही बहुत सी बीमारियों से ग्रसित थे। यहां तक कि उन्होंने आत्महत्या का मन बना लिया लेकिन रामायण के प्रसंग के अध्ययन से उन्हें प्रेरणा मिली कि जिस प्रकार कंदमूल आदि के सेवन से भगवान राम 14 वर्षों तक वन में रह गए उसी प्रकार हम भी प्रकृति की शरण में जाकर स्वस्थ हो सकते है यही से एनडीएस तकनीकी का जन्म हुआ और आज इसे अपना कर देश विदेश के करोड़ों लोग रोगमुक्त जीवन जी रहे है। उन्होंने बताया कि इस तकनीकी के सिद्धांतों का पालन करते हुए ग्रीन ज्यूस, अपक्व भोजन सिद्धांत से कैंसर जैसे गंभीर रोगों का इलाज संभव है। इसके पूर्व चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी और चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुये श्री त्रिपाठी ने एनडीएस विशेषज्ञ का अपने नगर में स्वागत किया। इस अवसर पर उषा गुप्ता, डॉक्टर अरुण अग्रवाल, डॉक्टर ए के गुप्ता, विजयलक्ष्मी जायसवाल, बी के रेखा दीदी, गोपाल जयसवाल, आचार्य वेद प्रकाश त्रिपाठी, संतोष जायसवाल, लक्ष्मी नारायण गुप्ता, उमेश यादव, यतीन्द्र नाथ त्रिपाठी, विकास गोड, हिमांशु गौड़, संजय पटवा, शिवम सोनी, अनंत नारायण गुप्ता, मुन्ना निगम आदि मौजूद थेबीमारियों से मुक्ति पाने को दवा नहीं भोजन में परिवर्तन जरूरी - सुनील कुमार * बड़हलगंज एक दिवसीय एन.डी.एस. स्वास्थ्य शिविर * विधायक राजेश त्रिपाठी और चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारम्भ बड़हलगंज। समूचा विश्व आसाध्य बीमारियों की चपेट में है रोज नई दवाईयां बाजार में आ रही है लेकिन बीमारियां खत्म होने की बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। बीमारियों से मुक्ति पाने का सबसे अच्छा विकल्प है एनडीएस तकनीकी यानी भोजन की प्रक्रिया में बदलाव। यह मानव शरीर बीमारियों से हमेशा के लिए मुक्त कर सकता है। गुरुवार को बड़हलगंज स्थित राजयोग प्रशिक्षण केंद्र, ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्विद्यालय में आयोजित एक दिवसीय एनडीएस स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ डॉ सुनील कुमार गुप्ता ने उक्त उदगार व्यक्त करते हुए बताया कि किस प्रकार हम सभी अपने दैनिक भोजन की तकनीकी में बदलाव कर हम अपने शरीर को पूर्ण निरोगी बना सकते है। शिविर में उपस्थित जन समूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सभी में यह भ्रांति है कि बिना भोजन के हम कमजोर या बीमार हो जायेंगे जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है। हमें यह समझना होगा कि दवाइयां बीमारी को खत्म नहीं करती केवल उसकी शक्ति कम करती है और भोजन हमारी शक्ति नहीं आसक्ति है। भोजन के केवल तीन कार्य ही है, शरीर का बनना, 25 वर्ष की उम्र तक उसका विकास करना और मांसपेशियों के टूट फूट की रिपेयरिंग करना। हमारे ऋषि मुनियों, रामायण और गीता की माने तो शक्ति प्राप्ति के तीन साधन होते हैं पहला अच्छी नींद दूसरा ध्यान और तीसरा संकल्प। शरीर को स्वस्थ और पुष्ट रखने के लिए उन्होंने भगवान राम के वनवास के दिनों का उदाहरण देते हुए कहा कि हम सब प्राकृतिक तरीके को अपना कर रोग मुक्ति पा सकते है इसके लिए पत्रम, पुष्पम, फ़लम, तोयम की शरण में जाना होगा। उन्होंने नई भोजन तकनीकी से रोगमुक्ति के सिद्धान्त के संस्थापक इंजी. बी बी चौहान का उदाहरण देते हुए बताया कि वे बचपन से ही बहुत सी बीमारियों से ग्रसित थे। यहां तक कि उन्होंने आत्महत्या का मन बना लिया लेकिन रामायण के प्रसंग के अध्ययन से उन्हें प्रेरणा मिली कि जिस प्रकार कंदमूल आदि के सेवन से भगवान राम 14 वर्षों तक वन में रह गए उसी प्रकार हम भी प्रकृति की शरण में जाकर स्वस्थ हो सकते है यही से एनडीएस तकनीकी का जन्म हुआ और आज इसे अपना कर देश विदेश के करोड़ों लोग रोगमुक्त जीवन जी रहे है। उन्होंने बताया कि इस तकनीकी के सिद्धांतों का पालन करते हुए ग्रीन ज्यूस, अपक्व भोजन सिद्धांत से कैंसर जैसे गंभीर रोगों का इलाज संभव है। इसके पूर्व चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी और चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुये श्री त्रिपाठी ने एनडीएस विशेषज्ञ का अपने नगर में स्वागत किया। इस अवसर पर उषा गुप्ता, डॉक्टर अरुण अग्रवाल, डॉक्टर ए के गुप्ता, विजयलक्ष्मी जायसवाल, बी के रेखा दीदी, गोपाल जयसवाल, आचार्य वेद प्रकाश त्रिपाठी, संतोष जायसवाल, लक्ष्मी नारायण गुप्ता, उमेश यादव, यतीन्द्र नाथ त्रिपाठी, विकास गोड, हिमांशु गौड़, संजय पटवा, शिवम सोनी, अनंत नारायण गुप्ता, मुन्ना निगम आदि मौजूद थे

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