एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने गोरखपुर महोत्सव स्थल पर पहुंचकर किया

एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने गोरखपुर महोत्सव स्थल पर पहुंचकर किया निरीक्षण सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश GORAKHPUR आगामी गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों के दृष्टिगत गुरुवार को एडीजी जोन मुथा अशोक जैन द्वारा महोत्सव स्थल का निरीक्षण एवं भ्रमण किया गया। इस अवसर पर उनके साथ मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर, जिलाधिकारी दीपक मीणा, गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष, महोत्सव के नोडल अधिकारी आनंद वर्धन तथा जीडीए सचिव पुष्पराज सिंह उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने महोत्सव स्थल पर की जा रही तैयारियों का गहनता से जायजा लिया। एडीजी जोन ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन व्यवस्थाओं एवं सीसीटीवी कैमरों की स्थापना को लेकर विशेष रूप से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि महोत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और आमजन को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण प्रदान किया जाए। मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि महोत्सव स्थल पर सभी बुनियादी सुविधाएं समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि महोत्सव जनसुविधाओं के उच्च मानकों के अनुरूप आयोजित किया जाना चाहिए। डीआईजी रेंज एस. चनप्पा एवं डीआईजी/एसएसपी राज करन नय्यर ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि महोत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रहे तथा भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। महोत्सव के नोडल अधिकारी आनंद वर्धन ने अधिकारियों को अब तक की गई तैयारियों की जानकारी दी, जबकि जीडीए सचिव पुष्पराज सिंह ने अवसंरचना विकास एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। निरीक्षण के अंत में एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव जनसांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रहती है। ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं, ताकि महोत्सव का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल रूप से संपन्न हो सके।