सांस्कृतिक रंगों से सजा मनिका पार विद्यालय, वार्षिक उत्सव के साथ विदाई

सांस्कृतिक रंगों से सजा मनिका पार विद्यालय, वार्षिक उत्सव के साथ विदाई समारोह बना यादगार बेलघाट क्षेत्र के मनिका पार प्राथमिक विद्यालय में वार्षिक उत्सव, सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम ने एक ओर जहां बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया, वहीं सेवा-निवृत्त शिक्षक के सम्मान ने पूरे माहौल को भावुक बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, नाटक और लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सेवा-निवृत्त शिक्षक श्री केशभान जी उपस्थित रहे, जिनके सम्मान में विशेष समारोह आयोजित किया गया। उनके दीर्घकालीन शैक्षिक योगदान को याद करते हुए उन्हें अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने बच्चों को अनुशासन और परिश्रम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। विशिष्ट अतिथियों में बेलघाट मंडल अध्यक्ष बजरंगी सिंह, महादेव मंडल अध्यक्ष दुर्गेश पटवा, पूर्व मंडल अध्यक्ष तारकेश्वर मिश्रा, बरिष्ठ पत्रकार अनूप कुमार सिंह,समाजसेवी गिरजेश भास्कर एवं कौशल आनंद तिवारी शामिल रहे। सभी अतिथियों ने विद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उनका प्रगति पत्र वितरित किया गया तथा मेधावी छात्रों को शील्ड और मेडल देकर सम्मानित किया गया। इससे बच्चों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना और प्रबल हुई। इस आयोजन को सफल बनाने में बेलघाट शिक्षक संघ के मंत्री वीरेंद्र कुमार एवं कार्यकारिणी सदस्यों की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम में राम सुरेश, बृजभूषण यादव, राजेश, संजीव, कमरुद्दीन, विजय नारायण पांडेय, अनिल, अनिरुद्ध तिवारी, अजय कुमार, बलिराम गुप्ता, वीरेंद्र कुमार प्रजापति, अशोक दुबे, शैलेंद्र, अभिषेक सिंह, मनीष दुबे, अजीत शाही, रोहित चौहान, अरुण कुमार दुबे, उमेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे। शिक्षक संघ के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के कुशल नेतृत्व में यह आयोजन न केवल सफल रहा, बल्कि विद्यालय और समाज के बीच एक मजबूत जुड़ाव का संदेश भी दे गया।