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किसानों के मसीहा बने IAS इंद्रजीत सिंह: सुल्तानपुर में पहली बार कुलाबों

किसानों के मसीहा बने IAS इंद्रजीत सिंह: सुल्तानपुर में पहली बार कुलाबों के कायाकल्प का अभियान, 100 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि होगी सिंचित सुल्तानपुर। जनपद के जिलाधिकारी आईएएस इंद्रजीत सिंह इन दिनों किसानों के हित में किए जा रहे अपने फैसलों और जमीनी कार्यशैली को लेकर लगातार चर्चा में हैं। किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने ऐसा कदम उठाया है, जिसकी क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। प्रशासन ने पहली बार शारदा सहायक खंड-16 की बायीं नहर पर ग्राम सुकरेशिया से वेदहा जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित सभी कुलाबों (आउटलेट) के व्यापक कायाकल्प का निर्णय लिया है। इस योजना के पूरा होने के बाद लगभग 100 हेक्टेयर अतिरिक्त कृषि भूमि सिंचाई के दायरे में आ जाएगी। वर्षों से नहर का पानी खेतों तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाने की समस्या से जूझ रहे किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि पहले किसी जिलाधिकारी ने इस तरह स्वयं निगरानी करते हुए कुलाबों के सुधार का अभियान नहीं चलाया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह इस कार्य की लगातार स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। शारदा सहायक खंड-16 के अधिशासी अभियंता, संबंधित खंड विकास अधिकारी और अन्य विभागों के अधिकारियों के समन्वय से यह कार्य तेजी से कराया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य केवल मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिससे नहर का पानी अंतिम छोर तक खेतों में पहुंचे और किसानों की सिंचाई संबंधी परेशानियां स्थायी रूप से कम हों। काम करने की शैली बनी पहचान आईएएस इंद्रजीत सिंह की कार्यशैली उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग पहचान दिलाती है। बताया जाता है कि वे प्रतिदिन सुबह 9 बजे से जनता दर्शन में बैठकर आम लोगों की समस्याएं सुनते हैं और दोपहर तक कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई करते हैं। इसके बाद शाम लगभग 4 बजे से रात 10 बजे तक कार्यालय में बैठकर विकास कार्यों, योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं। इसके साथ ही वे लगातार फील्ड में जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हैं और गुणवत्ता में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से भी नहीं हिचकते। लखनऊ में भी छोड़ चुके हैं अपनी छाप सुल्तानपुर आने से पहले इंद्रजीत सिंह लखनऊ नगर आयुक्त के रूप में अपनी कार्यकुशलता का परिचय दे चुके हैं। उनके कार्यकाल में स्वच्छता अभियान को नई गति मिली और स्वच्छ सर्वेक्षण में लखनऊ ने देशभर में उल्लेखनीय स्थान हासिल किया। प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन और परिणाम देने वाली कार्यशैली के कारण उनकी पहचान एक मेहनती और प्रभावी आईएएस अधिकारी के रूप में बनी। किसानों के बीच बढ़ा भरोसा कुलाबों के कायाकल्प की इस पहल को किसान भविष्य के लिए बड़ी राहत मान रहे हैं। उनका कहना है कि यदि नहर का पानी नियमित रूप से खेतों तक पहुंचेगा तो सिंचाई की लागत घटेगी, फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी सुधार होगा। प्रशासन की इस पहल से क्षेत्र में कृषि विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जनप्रतिनिधियों से लेकर आम जनता तक कर रही सराहना जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की सक्रिय कार्यशैली की चर्चा केवल प्रशासनिक गलियारों तक सीमित नहीं है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधि, किसान और आम नागरिक भी उनके कार्यों की सराहना कर रहे हैं। वहीं पुलिस अधीक्षक चारू निगम की कानून-व्यवस्था को लेकर सक्रियता की भी लोग प्रशंसा कर रहे हैं। दोनों अधिकारियों की टीम जनपद में सुशासन, विकास और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में लगातार प्रयासरत दिखाई दे रही है।

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