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Gorakhpurलगभग १ घंटा पहले

चिल्लूपार में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का प्रथम आगमन आज

चिल्लूपार में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का प्रथम आगमन आज

बडहलगंज।81 दिवसीय गो रक्षार्थ धर्म युद्ध गविष्टि यात्रा के तहत बड़हलगंज में होगा कार्यक्रम, लोगों से अधिकाधिक संख्या में पहुंचने की अपील चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र के लिए रविवार का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रहा है। इस दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती "1008" का प्रथम आगमन नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, बड़हलगंज में होने जा रहा है। कार्यक्रम का समय दिन में 3 बजे निर्धारित किया गया है। यह आगमन 81 दिवसीय गो रक्षार्थ धर्म युद्ध ‘गविष्टि यात्रा’ के मद्देनजर हो रहा है, जिससे कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया है। पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गविष्टि यात्रा के माध्यम से गो संरक्षण और धर्म जागरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है, जिसमें शंकराचार्य जी का मार्गदर्शन विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में व्यापक उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजकों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष प्रबंध किया जा रहा है। कॉलेज परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, ताकि आगंतुकों का भव्य स्वागत किया जा सके। पूर्व विधायक ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनें और महाराज जी के आशीर्वचन को सुनें। उन्होंने कहा कि संत-महापुरुषों का सानिध्य जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है और समाज को सही दिशा प्रदान करता है। ज्ञात हो कि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपने ओजस्वी विचारों और धर्म, संस्कृति तथा राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी यह यात्रा गो रक्षा और धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अभियान मानी जा रही है। इस आयोजन को लेकर चिल्लूपार समेत आसपास के क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया गया है। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे और गविष्टि यात्रा के संदेश को आगे बढ़ाएंगे।

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