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Ram Prakash Kasaudhan
Gorakhpurलगभग १ घंटा पहले

*"10 साल का वैभव... आखिर क्या था उसका कसूर? खजनी का हत्याकांड

*"10 साल का वैभव... आखिर क्या था उसका कसूर? खजनी का हत्याकांड

*"10 साल का वैभव... आखिर क्या था उसका कसूर? खजनी का हत्याकांड जिसने हर आंख नम कर दी"* नेक्स्ट अपडेट न्यूज़ खजनी (गोरखपुर)। गोरखपुर के खजनी में 10 वर्षीय मासूम वैभव वर्मा की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र को शोक, आक्रोश और अविश्वास में डुबो दिया है। अंतिम यात्रा में शामिल हर व्यक्ति की जुबान पर एक ही सवाल था—"आखिर इस मासूम का क्या कसूर था?" प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे वैभव स्कूल से घर लौटा। कपड़े बदलने के बाद वह अपनी साइकिल लेकर घर से निकला और दादी से कहा, "एक राउंड लगाकर आता हूं।" किसी ने नहीं सोचा था कि यही उसके जीवन के आखिरी शब्द साबित होंगे। कुछ देर बाद उसकी साइकिल और एक चप्पल खेत के पास लावारिस हालत में मिली। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की तो पड़ोस में रहने वाला सर्वेश शर्मा उर्फ बिट्टू शर्मा संदिग्ध अवस्था में खेत की ओर जाता दिखाई दिया। शुरुआत में उसने खुद को बेगुनाह बताया और पुलिस के साथ बच्चे की तलाश में भी शामिल रहा, लेकिन लगातार पूछताछ, तकनीकी साक्ष्यों और मनोवैज्ञानिक टीम की जांच के बाद उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पोस्टमार्टम के बाद जब वैभव का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो पूरा माहौल गम में डूब गया। परिजनों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। हर किसी की आंखों में दर्द था और हर चेहरे पर इंसाफ की मांग। बुधवार को मृतक वैभव के पिता हनुमान वर्मा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी दी। परिजनों ने मांग रखी कि आरोपी पर पहले बुलडोजर कार्रवाई की जाए, उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी और उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद दोपहर करीब 12 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में वैभव की अंतिम यात्रा निकाली गई। सीबी सिंह गली से खजनी चौराहे तक हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा इलाका "हत्यारे को फांसी दो" के नारों से गूंज उठा। लोगों की आंखें नम थीं और हर कोई मासूम को अंतिम विदाई देते हुए इंसाफ की मांग कर रहा था। इसके बाद वैभव का अंतिम संस्कार अयोध्या स्थित मां सरयू घाट पर किया गया। यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐसा जख्म बन गई है, जिसे लोग जल्द भूल नहीं पाएंगे। अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस जघन्य अपराध के दोषी को कानून कितनी जल्दी और कितनी सख्त सजा दिलाता है।

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