योग से तन, मन, धन होता है कंट्रोल...

पी. एल. यादव की रिपोर्ट देवरिया बीआरडीपीजी कॉलेज, देवरिया की राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत सप्त दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस को चयनित ग्राम साहू टोला, मेहड़ा पुरवा में लक्ष्य गीत के पश्चात योग प्रशिक्षक डॉ. पिंटू लाल यादव द्वारा शिविरार्थियों को विभिन्न योगासनों को बताते हुए ताड़ासन, वृक्षासन, हलासन, भुजंगासन, मकरासन,नौकासन तथा प्राणायाम में अनुलोम-विलोम , कपालभाति, भ्रामरी तथा शीतली प्राणायाम का अभ्यास भी कराया गया। साथ ही सूर्यनामस्कार का अभ्यास कराकर रोगानुसार योग के लाभ के महत्व के विषय में बताया। द्वितीय एवं बौद्धिक सत्र में 'व्यक्तित्व का विकास' विषय पर कृषि प्रसार विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शुभम मिश्र ने व्याख्यान देते हुए कहा कि व्यक्तित्व व्यक्ति के भीतर मौजूद उन मनोवैज्ञानिक गुणों का संगठित रूप है, जो उसके व्यवहार और सोच को प्रभावित करते हैं। व्यक्तित्व विकास का अर्थ है – अपने व्यवहार, सोच, संचार शैली और आत्मविश्वास को इस प्रकार विकसित करना कि हम अपने जीवन में सफलता और संतुलन प्राप्त कर सकें। व्यक्तित्व केवल बाहरी रूप नहीं है, बल्कि हमारे विचार, आदतें, मूल्य और व्यवहार का सम्मिलित रूप है। व्यक्तित्व में विकास के कारण व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि, बेहतर संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता का विकास, सकारात्मक सोच के साथ बेहतर भविष्य बनाने में सफलता मिलती है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावशाली व्यक्तित्व भी आवश्यक है। व्यक्तित्व विकास एक निरंतर प्रक्रिया है। यह एक दिन में नहीं होता, बल्कि नियमित अभ्यास और आत्म-सुधार से विकसित होता है। यदि हम अपने विचारों, व्यवहार और आदतों में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं, तो निश्चित रूप से एक आकर्षक व्यक्तित्व का निर्माण होगा। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रद्योत कुमार सिंह, डॉ. विजय कुमार पाल, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. अभिनव सिंह, डॉ. अभिषेक तिवारी आदि शिक्षकगण के साथ स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाओं की उपस्थिति रही।