सुल्तानपुर- पुलिस ने रंगदारी वसूलने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह के 2 सदस्यों को

सुल्तानपुर- पुलिस ने रंगदारी वसूलने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह के 2 सदस्यों को किया गिरफ्तार। रंगदारी में वसूली गयी धनराशि को पुलिस ने किया बरामद। फाइनेंस ऐप से गाड़ियों को ट्रैस कर फाइनेंस गाड़ियों की किश्त बकाया होने का डर दिखाकर करते थे मोटी रकम की वसूली। Easy Recovery 2.0 ऐप के पुराने पासवर्ड का दुरुपयोग कर गाड़ी की बकाया किश्त और उसकी लाइव लोकेशन की जानकारी करते थे इकट्ठा। लोकेशन ट्रैक कर रास्ते में फाईनेंस गाड़ियों को रुकवाकर करते थे उनसे वसूली। मामले में शामिल दो आरोपी आकाश सिंह, निवासी-पवई,जौनपुर और सौरभ उर्फ गोलू गिरी, निवासी-बेलवाई,अखण्डनगर,सुल्तानपुर गिरफ्तार और अन्य दो आरोपी अनुभव श्रीवास्तव,निवासी-शाहगंज,जौनपुर और नितेश सिंह,निवासी-धुधुरी... चल रहे फरार,पुलिस गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी। अखण्ड नगर थाने की पुलिस ने मीरपुर इलाके के पास से की गिरफ्तारी। इस मामले पर जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक वृजनारायण सिंह ने बताया की ---- "यह घटना सुल्तानपुर के थाना अखंड नगर से संबंधित है। दिनांक 18 जून को वादी श्री नीरज कुमार, पुत्र स्वर्गीय जगदीश प्रसाद, निवासी ग्राम जोनापुर, थाना जलालपुर, जनपद अंबेडकर नगर के द्वारा एक लिखित तहरीर स्थानीय थाने पर दी जाती है। जिसमें यह आरोप लगाया जाता है कि इनके वाहन को, जो कि इनका चालक लेकर जा रहा था, तो कुछ लोगों ने रोका और उसमें जो किश्त जमा की जानी थी, वह जमा नहीं हुई; उसके नाम पर इनको डराया-धमकाया और इससे जो है डरा-धमकाकर पैसे वसूल लिए।" "उस शिकायती पत्र को प्राप्त करने के पश्चात तत्काल ही स्थानीय थाने पर अभियोग पंजीकृत किया गया। अभियोग पंजीकृत करने के पश्चात तत्काल इसमें कार्रवाई की गई। अभियुक्तों को गिरफ्तार भी किया गया। दो अभियुक्त इस प्रकरण में गिरफ्तार हुए, जिनके नाम आकाश सिंह, पुत्र सुभाष सिंह उर्फ पप्पू सिंह, निवासी जमौटा, थाना पवई, जनपद आजमगढ़; दूसरे हैं सौरभ उर्फ गोलू गिरी, पुत्र स्वर्गीय सुनील गिरी, निवासी बेलवाई, थाना अखंड नगर, जनपद सुल्तानपुर हैं।" "इन दोनों अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई। गिरफ्तारी होने के पश्चात जब पूछताछ की गई तो इन्होंने यह तथ्य बताया कि इनके साथ दो अन्य लोग भी हैं, जिनके द्वारा कुल चार लोग मिलकर यह काम किया जाता है। इनके द्वारा जो भी वाहन जिनके किश्त जमा नहीं हो पाते हैं, ऐसे वाहनों की ये जानकारी इकट्ठा करते हैं। ये अपने एक ऐप है जिसका नाम है 'Easy Recovery 2.0' ऐप, उसके माध्यम से ये डाटा इकट्ठा करते हैं ऐसे वाहनों का।" "और जिन वाहनों का किश्त नहीं जमा हो पाता है, उन वाहनों को ये ट्रेस करते हैं। ट्रेस करके कहीं रास्ते में रोकते हैं, फिर डराते हैं, धमकाते हैं और कंपनी की ओर से कार्रवाई करने की धमकी देते हुए उनके वाहन को सीज करवाने की धमकी देते हैं। और इस तरह से वो डरा-धमकाकर चलते राह कहीं से भी ये उनसे पैसे वसूल लेते हैं।" "उक्त शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जब इनकी गिरफ्तारी की गई, इनके पुराने अभियोगों को जब देखा गया तो इनके ऊपर पुराने अभियोग भी हैं। और अन्य जनपदों में भी इनके द्वारा जो ये कृत्य किए जा रहे हैं, उसके संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। अन्य जो अभियुक्त हैं उनके संदर्भ में भी गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना हैं। जो भी वैधानिक कार्रवाई है, संपादित की जा रही है।"