सड़क हादसों में जीवन बचाने के लिए पुलिसकर्मियों को दिया गया विशेष

सड़क हादसों में जीवन बचाने के लिए पुलिसकर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों को सिखाए गए प्राथमिक उपचार और सीपीआर के तरीके गाजीपुर। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने और हादसे के बाद घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गाजीपुर पुलिस की ओर से रविवार को पुलिस लाइन सभागार में क्रिटिकल कॉरिडोर (सीसी) टीमों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा पुलिस अधीक्षक गाजीपुर डॉ. ईरज राजा के निर्देश पर आयोजित प्रशिक्षण में जीरो फैटलिटी डेज (ZFD) में नामित थानों के सीसी टीम प्रभारी एवं पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण Sactem Foundation की टीम के डॉ. पंकज परमार एवं डॉ. उमाशंकर ने प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि सड़क दुर्घटना के बाद एंबुलेंस के मौके पर पहुंचने से पहले वहां मौजूद पुलिसकर्मी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। घायल व्यक्ति की स्थिति का तत्काल आकलन करते हुए यह जांचना चाहिए कि उसकी सांस चल रही है या नहीं। सांस नहीं चलने की स्थिति में प्रशिक्षित पुलिसकर्मी द्वारा सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) देने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा उसकी स्थिति को गंभीर होने से बचाने के उपाय भी बताए गए।प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को व्यावहारिक रूप से प्राथमिक उपचार की आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई, ताकि दुर्घटना स्थल पर एंबुलेंस के पहुंचने तक घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी यातायात अनिन्द्य विक्रम सिंह तथा प्रभारी निरीक्षक यातायात बालेंद्र कुमार मौजूद रहे। प्रशिक्षण के बाद क्षेत्राधिकारी यातायात ने सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को अपने-अपने थानों में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों तक भी पहुंचाएं और उन्हें सड़क दुर्घटना के दौरान प्राथमिक उपचार एवं जीवन रक्षक उपायों के प्रति जागरूक करें। पुलिस विभाग का उद्देश्य दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन आवर’ में प्रभावी प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराकर घायलों की जान बचाने और सड़क हादसों में मृत्यु दर को कम करना है।