बेलघाट के मिश्रौलिया में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन का

बेलघाट के मिश्रौलिया में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन का माहौल पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत रहा। कथा वाचक महाराज विद्यांशु जी महाराज के मुखारविंद से जैसे ही कथा प्रवाहित हुई, पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। उनके मधुर वाणी और सरल व्याख्या ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे पंडाल में “राधे-राधे” और “कृष्ण-कृष्ण” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कथा का रसपान करने के लिए उमड़ पड़ी, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। मुख्य यजमान गौरी शंकर मिश्रा जी के सान्निध्य में चल रही इस पावन कथा में उपस्थित भक्तगण कथा सुनकर आनंदित होकर झूम उठे। आयोजन समिति द्वारा भी श्रद्धालुओं के लिए उत्तम व्यवस्था की गई है, जिससे सभी को सुगमता से कथा का लाभ मिल रहा है। कुल मिलाकर, श्रीमद् भागवत कथा का चौथा दिन भक्तिभाव, उल्लास और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम बन गया।