गाजीपुर सेवराई में अफसरों का अल्टीमेटम फाइल दबाई तो खैर नहीं, मौके

गाजीपुर सेवराई में अफसरों का अल्टीमेटम फाइल दबाई तो खैर नहीं, मौके पर जाओ-निस्तारण करो’, समाधान दिवस में डीएम-एसपी का तेवर सख्त फरियादियों के सामने ही राजस्व-पुलिस टीम को दो टूक- ‘शिकायत लटकाई तो कार्रवाई तय, जनता को चक्कर कटवाए तो नपोगे’* (सेवराई) गाजीपुर। शनिवार को सेवराई तहसील में लगे सम्पूर्ण समाधान दिवस में उस वक्त अफसरों के तेवर तल्ख हो गए जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने खुद फरियादियों की कतार में खड़े होकर दर्द सुना। डीएम-एसपी ने मंच से ही राजस्व और पुलिस टीम को अल्टीमेटम दे दिया- "शिकायतों को गंभीरता से लो। टीम बनाकर मौके पर जाओ और शत-प्रतिशत निष्पक्ष निस्तारण करो। कागजों में खानापूर्ति की तो खैर नहीं।" एसपी की चेतावनी: ‘टालमटोल बंद, टाइमलाइन में निपटाओ’: पुलिस अधीक्षक ने थानेदारों को फरियादियों के सामने ही लाइन पर लिया। दो टूक कहा- "हर शिकायती पत्र का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण चाहिए। जो मामला ऊपर के लेवल का है, उसकी रिपोर्ट तुरंत बनाकर भेजो। तारीख-पर-तारीख का खेल अब नहीं चलेगा।" डीएम का आदेश: ‘संयुक्त टीम भेजो, जमीन पर दिखे एक्शन’: जिलाधिकारी ने राजस्व अमले को फटकार लगाते हुए कहा कि पैमाइश, वरासत, कब्जा, चकबंदी के विवाद में पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीम मौके पर जाएगी। "जनता को दफ्तर-दफ्तर चक्कर कटवाए तो जिम्मेदार नपेंगे। निस्तारण जमीन पर दिखना चाहिए, फाइल में नहीं।" अफसरों की पेशी, फरियादी आमने-सामने: समाधान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी, एसडीएम सेवराई, सीओ जमानियां समेत पूरी फौज मौजूद रही। डीएम-एसपी ने एक-एक प्रार्थना पत्र को पढ़ा, फरियादी को बुलाया और संबंधित अफसर को तुरंत टाइमलाइन दी। संदेश साफ: ‘सरकार दरवाजे पर, हीलाहवाली पर हंटर’: अफसरों ने माना कि सम्पूर्ण समाधान दिवस का मतलब ही है- एक छत के नीचे इंसाफ। डीएम-एसपी के तेवर से साफ है कि अब शिकायत लटकाने वाले अफसरों की मुश्किल बढ़ेगी।