बेलघाट के प्राचीन मंदिरों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई

बेलघाट के प्राचीन मंदिरों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई होली, गुलाल और भक्ति से गूंजा पूरा परिसर बेलघाट क्षेत्र में होली का पर्व इस वर्ष धार्मिक आस्था, परंपरा और आपसी भाईचारे के साथ बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। क्षेत्र के प्राचीन हनुमान मंदिर, महाकाल महादेव मंदिर और प्रभु श्रीराम मंदिर के परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान के चरणों में गुलाल अर्पित किया और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। होली के पावन अवसर पर मंदिर परिसर पूरी तरह भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले मंदिरों में स्थापित देवी-देवताओं के चरणों में गुलाल चढ़ाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद सभी लोगों ने एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं तथा गले मिलकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। मंदिर परिसर में मौजूद बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने मिलकर इस पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाया। चारों ओर “होली है” के जयकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से वातावरण पूरी तरह उत्सवमय हो गया। रंग-गुलाल और खुशियों के बीच लोगों ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान और अपनापन दिखाते हुए पर्व की गरिमा को बनाए रखा। इस अवसर पर क्षेत्र के कई सम्मानित लोग और समाजसेवी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सभी को मिलजुल कर शांतिपूर्ण और प्रेमपूर्ण तरीके से होली मनाने का संदेश दिया। लोगों ने कहा कि होली का पर्व केवल रंगों का नहीं बल्कि दिलों को जोड़ने और रिश्तों में मिठास घोलने का त्योहार है। पूरे दिन मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में रंग, गुलाल, हंसी-खुशी और शुभकामनाओं का माहौल बना रहा। लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर भी रंग-गुलाल के साथ होली की बधाई दी। इस तरह बेलघाट में मनाई गई होली ने एक बार फिर सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और भाईचारे की सुंदर मिसाल पेश की।