संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए चलेगा विशेष अभियान एक अक्टूबर से

संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए चलेगा विशेष अभियान एक अक्टूबर से शुरू होगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान, 12 अक्टूबर से दस्तक अभियान; डीएम ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध तैयारियों के निर्देश गाजीपुर। बांस गांव संदेश। जिले में संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 01 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 12 से 31 अक्टूबर 2026 तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में गुरुवार देर शाम राइफल क्लब सभागार में अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, डायरिया, दिमागी बुखार, स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पोरोसिस सहित अन्य संचारी रोगों की आशंका को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करें।डीएम ने निर्देश दिया कि 01 अक्टूबर से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। अभियान के दौरान ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग पर विशेष जोर दिया जाए। तालाबों, नालों और नालियों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ ही जलभराव एवं कूड़े का समुचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, नालों एवं नालियों की साफ-सफाई नियमित रूप से कराने के निर्देश दिए। साथ ही महिलाओं और कुपोषित बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार पुष्टाहार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।जिलाधिकारी ने नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने नगर पंचायत क्षेत्रों में हैंडपंपों के पानी की टेस्टिंग कराई जाए। इसके साथ ही ओवरहेड टैंकों की साफ-सफाई भी सुनिश्चित की जाए, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अभियान को और बेहतर ढंग से संचालित किया जाए। इसके लिए जनपद स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक प्रभावी पर्यवेक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की सूचना व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के लिए तैयार माइक्रोप्लान एक सप्ताह के भीतर जिला मलेरिया अधिकारी को उपलब्ध करा दिया जाए। वहीं मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को 28 अक्टूबर तक अपनी कार्ययोजना स्वास्थ्य कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों से संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए अब तक की गई तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर विकास, पंचायतीराज, आईसीडीएस, ग्राम्य विकास, चिकित्सा शिक्षा, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, कृषि, पशुपालन सहित अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से अभियान चलाने के निर्देश दिए।डीएम ने स्पष्ट किया कि संचारी रोगों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए अभियान को सफल बनाना होगा।बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामकुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार, संबंधित चिकित्साधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी, एमओआईसी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।