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Pradhan Pravasi
Gorakhpur१३ मिनट पहले

*आईटीएम गीडा में फ्लाइटियम ड्रोन्स द्वारा दो दिवसीय ड्रोन तकनीक कार्यशाला का

*आईटीएम गीडा में फ्लाइटियम ड्रोन्स द्वारा दो दिवसीय ड्रोन तकनीक कार्यशाला का

*आईटीएम गीडा में फ्लाइटियम ड्रोन्स द्वारा दो दिवसीय ड्रोन तकनीक कार्यशाला का आयोजन* सहजनवा गोरखपुर विद्यार्थियों को आधुनिक ड्रोन तकनीक से परिचित कराने, तकनीकी दक्षता विकसित करने तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम), गीडा, गोरखपुर में फ्लाइटियम ड्रोन्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दो दिवसीय ड्रोन तकनीक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक की बुनियादी अवधारणाओं, उसकी कार्यप्रणाली, तकनीकी संरचना और विभिन्न क्षेत्रों में उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में फ्लाइटियम ड्रोन्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित कुमार मिश्रा तथा कंपनी के इंजीनियर अभिज्ञान घोष ने विद्यार्थियों को ड्रोन के प्रमुख घटकों, उनके संचालन, तकनीकी विशेषताओं और व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कृषि, औद्योगिक निरीक्षण, सर्वेक्षण, निगरानी, आपदा प्रबंधन तथा अन्य तकनीकी क्षेत्रों में ड्रोन की उपयोगिता तेजी से बढ़ रही है। इस प्रकार की तकनीक में दक्षता हासिल कर विद्यार्थी भविष्य में रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर प्राप्त कर सकते हैं। कार्यशाला में ड्रोन विशेषज्ञ प्रांजल पांडेय की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। उन्होंने तकनीकी सत्रों को प्रभावी बनाने तथा विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक की बारीकियों से परिचित कराने में योगदान दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं समन्वय में आईटीएम के डिप्लोमा मैकेनिकल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनीत राय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यशाला में विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इनमें अजीत यादव एवं आकाश यादव, हुमैरा फातिमा, प्रज्ञा दुबे, तथा समीर शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. एन.के. सिंह ने कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें उभरती हुई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना भी आवश्यक है। ड्रोन तकनीक जैसी आधुनिक विधाओं पर आयोजित कार्यशालाएं विद्यार्थियों में नवाचार, समस्या समाधान और तकनीकी कौशल विकसित करने में सहायक होती हैं। उन्होंने इस प्रकार के उद्योग-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यशाला के सफल आयोजन पर संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया तथा संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी छात्रों को बधाई दी।

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