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Gorakhpur७ दिन पहले

बेलघाट में आस्था का सागर श्री राम कथा में डूबे श्रद्धालु प्राचीन

बेलघाट में आस्था का सागर श्री राम कथा में डूबे श्रद्धालु प्राचीन

बेलघाट में आस्था का सागर श्री राम कथा में डूबे श्रद्धालु प्राचीन हनुमान मंदिर के पावन प्रांगण में नवनिर्मित राम दरबार मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर आयोजित भव्य धार्मिक अनुष्ठान एवं श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस का वातावरण भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से ओत-प्रोत रहा। पूज्य आचार्य शांतनु जी महाराज के श्रीमुख से निकली दिव्य वाणी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। अपने प्रेरणादायी प्रवचन में महाराज जी ने कहा कि जब-जब इस धरा पर अधर्म और असुरों के अत्याचार बढ़ते हैं, तब-तब प्रभु स्वयं अवतार लेकर भक्तों का उद्धार करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की सगुण लीलाओं को तर्क से नहीं, बल्कि अटूट विश्वास और निष्कपट भक्ति के साथ सुनना चाहिए। भक्ति का मार्ग समर्पण का मार्ग है। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए पूज्य श्री ने प्रभु के अवतरण के विविध कारणों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान की यह अटल घोषणा है कि जो भक्त सब कुछ त्यागकर उनकी शरण ग्रहण करते हैं, प्रभु उनकी रक्षा उसी प्रकार करते हैं जैसे माता अपने शिशु की करती है। मनु एवं शतरूपा के प्रसंग को सुनाते हुए महाराज जी ने बताया कि मनु महाराज ने जीवन के अंतिम समय में समस्त मोह-माया त्यागकर हरि-भजन का मार्ग अपनाया। यह हम सभी के लिए प्रेरणा है कि अपने दायित्वों का निर्वाह करते हुए भगवान के नाम-स्मरण को जीवन का आधार बनाएं। देवताओं की करुण पुकार सुनकर भगवान द्वारा नर रूप में अवतार लेने के आश्वासन का वर्णन होते ही पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। प्रभु के जन्म की घोषणा के साथ ही अयोध्या में उल्लास छा गया। महाराज दशरथ आनंद से अभिभूत होकर प्रजाजनों पर उपहार न्योछावर करने लगे और समूची नगरी मंगलध्वनियों से मुखरित हो उठी। कथा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने अनुशासन और श्रद्धा के साथ कथा श्रवण किया। कई अवसरों पर श्रोता भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूब गए और वातावरण पूर्णतः राममय बना रहा। इस पावन अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्रीराम चौहान, पूर्व सांसद प्रवीण निषाद, खजनी के ब्लॉक प्रमुख अंशु सिंह, बिजेंद्र सिंह, विशाल सिंह, सुशील शाही शिवेंद्र सिंह, विक्की सिंह रामचंद्र शाही महेंद्र सिंह, मदन शाही सहित अनेक गणमान्य एवं वरिष्ठ लोग उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। आयोजक रणवीर शाही उर्फ चंचल शाही द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु बैठने, प्रकाश एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित प्रबंध किया गया, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्वक एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं श्रीराम कथा का यह दिव्य आयोजन पूरे क्षेत्र को भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर कर गया। मंदिर प्रांगण देर तक रामनाम के जयघोष से गूंजता रहा।

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