एनएसएस कार्य संस्कृति और नई जीवन दृष्टि देता है: प्रो. राकेश कुमार पांडेय

एनएसएस कार्य संस्कृति और नई जीवन दृष्टि देता है: प्रो. राकेश कुमार पांडेय बड़हलगंज। स्थानीय नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज बड़हलगंज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्त दिवसीय विशेष शिविर का रंगारंग उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद स्वयंसेविकाओं ने स्वागत गीत और सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राकेश कुमार पांडेय ने कहा कि एनएसएस की गतिविधियां विद्यार्थियों को कार्य संस्कृति और नई जीवन दृष्टि प्रदान करती हैं। जिस समाज की कार्य संस्कृति और सोच जितनी उत्कृष्ट होती है, वह समाज और राष्ट्र उतना ही विकसित होता है। उन्होंने कहा कि एनएसएस शिविर केवल शारीरिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह युवाओं को समाज की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम अधिकारी एवं शिविर संयोजक डॉ. त्रिपुरेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह शिविर युवाओं में चरित्र निर्माण, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करने का माध्यम है। शिविर के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रो. परितोष त्रिपाठी ने एनएसएस के ध्येय वाक्य “मैं नहीं, आप” की व्याख्या करते हुए समाज सेवा की भावना पर जोर दिया, जबकि आचार्य योगेंद्र कुमार ने त्याग, सेवा और समर्पण को भारतीय संस्कृति का मूल बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेंद्र दुबे ने किया तथा आभार ज्ञापन डॉ. सुधांशु अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डॉ. विकास यादव, डॉ. पूजा नायक, डॉ. बृजेश तिवारी, डॉ. चंद्रमौली ओझा, डॉ. चिन्मय गुप्ता, डॉ. प्रीति श्रीवास्तव सहित अन्य आचार्यगण और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। स्वयंसेवक अदित्यम, शिशु, बिपिन और मिथुन ने कार्यक्रम के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।