सुमेरपुर में ‘जिनका देश ऋणी है’ कार्यक्रम का आयोजन, बलिदानियों को नमन
हमीरपुर। सुमेरपुर क्षेत्र में गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करने हेतु वर्णिता संस्था के तत्वावधान में “विमर्श विविधा” श्रृंखला के अंतर्गत ‘जिनका देश ऋणी है’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के ज्ञात व अज्ञात वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र केवल कुछ दिनों के त्याग का परिणाम नहीं है, बल्कि यह निरंतर समर्पण, साहस और शौर्य की भावना से निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के अतुलनीय बलिदान व सामरिक योगदान के कारण ही भारत वर्ष 1947 में स्वतंत्र हुआ। डॉ. भवानीदीन ने बताया कि आज़ादी के बाद लगभग 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिनों की अथक मेहनत के बाद भारतीय संविधान का निर्माण हुआ, जिसने देश को लोकतांत्रिक मूल्यों पर आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि 26 जनवरी 1930 को कांग्रेस के नेतृत्व में ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ मनाया गया था, जो आगे चलकर गणतंत्र दिवस के रूप में प्रतिष्ठित हुआ। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि देश इस वर्ष 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी गईं तथा सभी से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, महावीर प्रजापति (इलेक्ट्रीशियन), रिचा, रामनारायन सोनकर, विकास, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।