सरकार लोककल्याण नहीं, केवल व्यापार करना जानती है — विनय शंकर तिवारी।

सरकार लोककल्याण नहीं, केवल व्यापार करना जानती है — विनय शंकर तिवारी। मदरिया । ------------------ ई-रजिस्ट्री के विरोध में सातवें दिन भी अधिवक्ताओं का प्रदर्शन जारी, पूर्व विधायक ने दिया समर्थन..... उत्तर प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में गोला तहसील परिसर में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टाम्प विक्रेताओं का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर में जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उपनिबंधन कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व विधायक एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विनय शंकर तिवारी ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। धरने को संबोधित करते हुए विनय शंकर तिवारी ने कहा कि यह सरकार लोककल्याण की भावना से कार्य नहीं करती, बल्कि केवल व्यापार करना जानती है। उन्होंने कहा कि ई-रजिस्ट्री लागू होने से प्रदेश के लाखों अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता और इससे जुड़े अन्य लोग बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार आज तक जिन कार्यों को डिजिटल अथवा ई-माध्यम से संचालित कर रही है, उनमें आम लोगों को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड की छोटी-सी त्रुटि को ठीक कराने में भी लोगों को महीनों परेशान होना पड़ता है। ऐसे में यदि ई-रजिस्ट्री में किसी प्रकार की तकनीकी या मानवीय गलती हुई तो लोग अपनी संपत्ति तक गंवा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से अब तक निजी संस्थाओं के माध्यम से आयोजित अधिकांश ऑनलाइन परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में सरकार ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को भी पारदर्शी और सुरक्षित ढंग से संचालित करने में सफल नहीं होगी, जिससे आम जनता ठगी का शिकार बन सकती है। पूर्व विधायक ने कहा कि सरकार इस व्यवस्था के माध्यम से हर क्षेत्र पर अपना नियंत्रण स्थापित करना चाहती है। यह प्रणाली जनहित के विपरीत है और पुरानी रजिस्ट्री व्यवस्था को ही यथावत लागू रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी फिलहाल आंदोलन को समर्थन देने आई है और आगे सरकार के रुख के अनुसार पार्टी इस मुद्दे पर अपने आगामी कार्यक्रम की घोषणा करेगी। इससे पूर्व कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन, गोला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टाम्प विक्रेताओं ने तहसील परिसर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और उपनिबंधन कार्यालय के समक्ष धरना जारी रखा। इस दौरान बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा तथा उनके माध्यम से ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में हस्तक्षेप कर प्रस्तावित व्यवस्था को वापस कराने की मांग की। बार एसोसिएशन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से लाखों अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं, टाइपिस्टों, फोटोकॉपी संचालकों सहित इस कार्य से जुड़े करोड़ों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। साथ ही निजी संस्थाओं के माध्यम से रजिस्ट्री प्रक्रिया संचालित होने पर आम नागरिकों को कानूनी और तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने जनहित में प्रस्तावित व्यवस्था को वापस लेकर पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग दोहराई। धरना-प्रदर्शन में अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार ई-रजिस्ट्री संबंधी प्रस्तावित व्यवस्था को वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इस दौरान अध्यक्ष रंतिदेव मिश्र, महामंत्री आमोद गौड़ सहित सभी अधिवक्ता गण मौजूद रहें।