गोरखपुर: 'खरीदी 145 वर्ग फीट जमीन, कब्जा रहे पुश्तैनी खेत' भूमाफिया की

गोरखपुर: 'खरीदी 145 वर्ग फीट जमीन, कब्जा रहे पुश्तैनी खेत' भूमाफिया की दबंगई के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र के हमीदपुर (टोला-तेनुही) गांव में एक भूमाफिया द्वारा दूसरों की पुश्तैनी जमीन पर जबरन अवैध निर्माण और कब्जा करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि विपक्षियों द्वारा मात्र 145 वर्ग फीट जमीन की रजिस्ट्री की आड़ में उनकी बड़ी पैतृक भूमि को हड़पने की कोशिश की जा रही है। विरोध करने पर पीड़ितों को जान-माल की धमकी दी जा रही है, जिससे पूरे गांव में तनाव का माहौल है। रजिस्ट्री की आड़ में बड़े भू-भाग पर कब्जे का खेल पीड़ित अदालत (पुत्र स्वर्गीय इन्दल) ने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रशासन को सौंपे पत्र में बताया कि ग्राम हमीदपुर में उनकी पुश्तैनी भूमि (आराजी नंबर-70, रकबा-18 डिसमिल) स्थित है। आरोप है कि उनके सहखातेदार से रादयाल यादव (पुत्र वीरे यादव) नामक व्यक्ति ने महज 145 वर्ग फीट जमीन का बैनामा (रजिस्ट्री) कराया था। लेकिन अब इसी बैनामे की आड़ लेकर वह प्रार्थी की पैतृक भूमि के एक बड़े हिस्से पर अवैध रूप से निर्माण कार्य करा रहा है। अधिकारियों के आदेश को भी दिखाया ठेंगा पीड़ितों के अनुसार, यह विवाद नया नहीं है: 10 फरवरी 2026: प्रार्थी की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अवैध निर्माण कार्य को रुकवा दिया था। 29 अप्रैल 2026: विपक्षी ने कोर्ट और प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए अपनी दबंगई और गुंडई के बल पर दोबारा अवैध निर्माण शुरू कर दिया। पीड़ित का बयान: "जब हमने अवैध निर्माण का विरोध किया, तो विपक्षी और उसके लोग गुंडागर्दी पर उतारू हो गए। हमें और हमारे परिवार को जान-माल से हाथ धोने की सीधी धमकी दी जा रही है। हम अपने ही खेत में जाने से डर रहे हैं।" न्याय के लिए एकजुट हुआ पीड़ित परिवार भूमाफिया के खौफ के खिलाफ अब पूरा परिवार लामबंद हो गया है। दिनांक 22 मई 2026 को दिए गए इस शिकायती पत्र में अदालत, रामविलास, उमादेवी, कान्ति देवी, स्वामीनाथ, शान्ति देवी, अमरेश और रंजीत सहित कई ग्रामीणों ने हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान लगाकर पुलिस-प्रशासन और राजस्व टीम (Revenue Team) से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मौके पर पैमाइश कराकर अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त किया जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करते हुए दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि गोरखपुर प्रशासन इस दबंगई पर क्या कड़ा एक्शन लेता है।