लखनऊ अग्निकांड के बाद भी नहीं चेता प्रशासन! सुल्तानपुर में बेसमेंट में
लखनऊ अग्निकांड के बाद भी नहीं चेता प्रशासन! सुल्तानपुर में बेसमेंट में संचालित अस्पतालों पर उठे सवाल, फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी *जिला मुख्यालय के आसपास कई अस्पताल, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों में सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल; जांच और कार्रवाई की मांग।* सुल्तानपुर। राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सतर्कता बढ़ी है। जहां एक ओर जिला प्रशासन कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी मानकों की जांच कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जनपद के कई निजी अस्पताल, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर अब भी सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित होने के आरोपों के घेरे में हैं। शहर के गोलाघाट स्थित नेशनल हॉस्पिटल, गभड़िया तथा प्यारेपट्टी रोड सहित कई स्थानों पर ऐसे अस्पताल संचालित होने की चर्चा है, जो बेसमेंट अथवा ऐसे भवनों में चल रहे हैं जहां आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई स्थानों पर अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और नियमित रखरखाव पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई व्यावसायिक भवनों के बेसमेंट, जिन्हें पार्किंग के लिए स्वीकृत किया गया था, वहां दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। यदि यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह भवन मानकों का उल्लंघन माना जा सकता है। इसके अलावा जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज के आसपास संचालित कुछ पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संबंध में यह भी आरोप हैं कि उनके दस्तावेजों में दर्ज पता और वास्तविक संचालन स्थल अलग-अलग हैं। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। *अस्पतालों में फायर सेफ्टी के लिए क्या-क्या होना चाहिए?* *विशेषज्ञों के अनुसार अस्पतालों में निम्नलिखित अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं आवश्यक मानी जाती हैं* भवन की स्वीकृत फायर एनओसी (Fire NOC) पर्याप्त संख्या में कार्यशील फायर एक्सटिंग्विशर फायर अलार्म एवं स्मोक डिटेक्शन सिस्टम आपातकालीन निकास (Emergency Exit) कम से कम दो सुरक्षित निकासी मार्ग (जहां नियम लागू हों) इमरजेंसी लाइट एवं एग्जिट संकेतक फायर हाइड्रेंट या स्प्रिंकलर सिस्टम (भवन की श्रेणी के अनुसार) प्रशिक्षित स्टाफ एवं नियमित मॉक ड्रिल विद्युत वायरिंग एवं जनरेटर की सुरक्षित व्यवस्था क्या अस्पताल बेसमेंट में चल सकता है? भवन एवं अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुसार, बेसमेंट में अस्पताल या मरीजों के उपचार संबंधी गतिविधियों की अनुमति हर स्थिति में नहीं होती। यह संबंधित भवन मानचित्र, स्थानीय विकास प्राधिकरण के नियम, अग्निशमन विभाग की एनओसी तथा स्वास्थ्य विभाग की स्वीकृति पर निर्भर करता है। यदि बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग के लिए स्वीकृत है और वहां अस्पताल या अन्य व्यावसायिक गतिविधि संचालित की जा रही है, तो यह नियमों का उल्लंघन हो सकता है। *जांच की उठी मांग* लखनऊ अग्निकांड के बाद लोगों का कहना है कि जनपद के सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की संयुक्त जांच स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा कराई जानी चाहिए। यदि कहीं भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिले तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी संभावित हादसे से बचा जा सके। जनपदवासियों को उम्मीद है कि जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह इस मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विभागों से जांच कराएंगे और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।