लखनऊ ठंड ने रोकी विकास कार्यों की राह, ग्रीन कॉरिडोर सहित 100

लखनऊ ठंड ने रोकी विकास कार्यों की राह, ग्रीन कॉरिडोर सहित 100 सड़कों का काम रुका; 15 जनवरी के बाद होगा शुरू ठंड की वजह से डामर वाली सड़कों के काम पर रोक लग गई है। ग्रीन कॉरिडोर सहित 100 सड़कों का काम रुका है। मौसम सही होने पर 15 जनवरी के बाद काम शुरू होगा। अधिक ठंड को देखते हुए राजधानी लखनऊ में डामर से बनने वाली छोटी-बड़ी करीब 100 सड़कों का काम फिलहाल रोक दिया गया है। इनमें नगर निगम और एलडीए, दोनों की सड़कें शामिल हैं। निशातगंज से हनुमान सेतु की ओर निर्माणाधीन ग्रीन कॉरिडोर सड़क भी इसमें शामिल है। ग्रीन कॉरिडोर योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर एके सेंगर ने बताया कि गोमती नगर के समतामूलक चौक से निशातगंज तक ग्रीन कॉरिडोर का काम पूरा हो चुका है। निशातगंज चौराहे कि रिडिजाइनिंग भी हो चुकी है। अब फिनिशिंग का काम चल रहा है। इसके आगे बीरबल साहनी मार्ग होते हुए हनुमान सेतु तक सड़क चौड़ीकरण हो गया है। यहां पर अब सिर्फ डामर पड़ना है। अभी ठंड अधिक है। ऐसे में यह काम रोका गया है। सड़क बनाने का काम 15 जनवरी के बाद ही किया जाएगा। उस समय तक ठंड कम हो जाएगी। सड़क बनने के बाद इसे आवागमन के लिए शुरू करने की तैयारी भी है। तापमान गिरने पर रोक देते हैं काम नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा ने बताया कि शहर में जो भी चौड़ी और बड़ी सड़कें हैं, वह पेवर से ही बनती है। इसके लिए हॉट मिक्स प्लांट से बजरी तारकोल का मिक्स मेटेरियल आता है। ज्यादा ठंड होने पर ये मेटेरियल प्लांट से आते-आते ठंडा हो जाता है। जो सड़कें मैनुअल बनाई जाती हैं, उसमें मौके पर ही तारकोल को पिघलाया जाता है। ठंड में इसका भी तापमान जल्दी-कम हो जाता है। इस कारण ज्यादा ठंड होने पर काम डामर से बनने वाली सड़कों का काम रोक दिया जाता है। तापमान नियंत्रित रखना होता है जरूरी नगर निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर अतुल मिश्रा का कहना है कि अधिक ठंड में सड़क बनाने पर प्रतिबंध नही हैं, लेकिन यह अनिवार्य है कि सड़क पर डामर की परत डालते समय मेटेरियल का तापमान 170 से 160 डिग्री होना चाहिए। अमूमन लोग तापमान नियंत्रित नहीं रख पाते हैं। ऐसे में अधिक ठंड में सड़क बनाने से बचा जाता है। कम तापमान पर बनने वाले सड़कें जल्दी उखड़ जाती हैं।