सूखे के बीच जल संरक्षण पर प्रशासन सख्त: नहरों की अवैध कटिंग
सूखे के बीच जल संरक्षण पर प्रशासन सख्त: नहरों की अवैध कटिंग रोकने और टेल तक पानी पहुंचाने की अपील देवरिया। जनपद में वर्षा की कमी और सूखे जैसी परिस्थितियों को देखते हुए सिंचाई जल के न्यायसंगत एवं समान वितरण को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। नहरों के ऊपरी हिस्सों में कुछ अज्ञात व्यक्तियों एवं कास्तकारों द्वारा अवैध कटिंग, मिट्टी का बांध बनाकर पानी रोकने तथा रेगुलेटर एवं फाटकों से छेड़छाड़ कर अनधिकृत सिंचाई किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे नहरों के टेल (निचले) क्षेत्र तक जल प्रवाह बाधित हो रहा है जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड-2, देवरिया ने प्रशासन को अवगत कराया है कि वर्तमान सूखे की स्थिति में नहरों की सुरक्षा और जल संरक्षण के लिए क्षेत्रीय पुलिस द्वारा नियमित पेट्रोलिंग एवं सतत निगरानी अत्यंत आवश्यक है। इससे अवैध कटिंग और जल की बर्बादी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी तथा सभी किसानों को समान रूप से सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस संबंध में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनपद के सभी किसानों एवं आमजन से अपील की है कि नहरों को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचाएं तथा अवैध कटिंग, मिट्टी का बांध बनाने और रेगुलेटर अथवा फाटकों से छेड़छाड़ जैसी गतिविधियों से दूर रहें। जिलाधिकारी ने कहा कि जल एक साझा एवं अमूल्य संसाधन है। प्रत्येक बूंद का संरक्षण आवश्यक है, ताकि उपलब्ध सीमित जल संसाधनों का पारदर्शी और न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करते हुए नहरों के टेल क्षेत्र तक निर्बाध जल प्रवाह बनाए रखा जा सके। उन्होंने सभी किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सूखे की इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में प्रत्येक किसान को समान रूप से सिंचाई का लाभ मिले, इसके लिए प्रशासन के साथ सभी की सहभागिता और जिम्मेदारी आवश्यक है।