हिंदू सम्मेलन में जयकारों से गूंजा नगर, सनातन एकता पर दिया गया जोर

हिंदू सम्मेलन में जयकारों से गूंजा नगर, सनातन एकता पर दिया गया जोर पिपराइच। महेंद्र तिवारी।नगर के रामलीला मैदान में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. उमाशंकर शर्मा ने की। सम्मेलन में वक्ताओं ने हिंदू समाज से जाति, पंथ, भाषा, ऊंच-नीच और राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर सनातन एकता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। सम्मेलन के मुख्य वक्ता हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास ने कहा कि सनातन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म है, लेकिन राजनीतिक स्वार्थों के कारण समाज को विभाजित किया गया। उन्होंने कहा कि जब हिंदू जागेगा तभी भारत विश्वगुरु बनेगा। यदि समाज आज भी आपसी भेदभाव में उलझा रहा तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। जयकारों के बीच उन्होंने ऊर्जा को सही समय के लिए बचाकर रखने की बात भी कही। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक महेंद्र पाल सिंह ने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि उंगलियों को जोड़कर बनी मुट्ठी ही शक्ति का प्रतीक है और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित रहना आवश्यक है। प्रधानाचार्य डॉ. नमिता सिंह ने महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मां दुर्गा और रानी लक्ष्मीबाई के आदर्शों को स्मरण कराया। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. उमाशंकर शर्मा ने हिंदू समाज के अधिकारों और कर्तव्यों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन अम्बरीष तिवारी ने किया। इस अवसर पर गोरक्ष प्रांत के बौद्धिक प्रमुख डॉ. अरविंद, हियुवा जिला प्रभारी आनंद शाही, प्रमुख जनार्दन जायसवाल, चेयरमैन संजय मद्धेशिया, पूर्व चेयरमैन जितेंद्र जायसवाल, आरएसएस के दुर्गेश, हेमंत, राघव, कपिल यादव, विवेक चौरसिया सहित रितेश मद्धेशिया, रितेश पांडेय, आनंद तिवारी व बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।