दिनदहाड़े ज्वेलर्स दुकान में लूट, नाबालिग बेटी की बहादुरी बनी चर्चा का

दिनदहाड़े ज्वेलर्स दुकान में लूट, नाबालिग बेटी की बहादुरी बनी चर्चा का विषय। मदरिया । उपनगर गोला में सोमवार दोपहर एक ज्वेलर्स की दुकान पर हुई लूट की वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। हैरानी की बात यह रही कि दुकान मालिक की गैरमौजूदगी में उनकी नाबालिग बेटी ने न सिर्फ हिम्मत दिखाई, बल्कि लुटेरों का मुकाबला भी किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 17 में डॉ. अनिल तिवारी के क्लिनिक के सामने स्थित देवांश स्वर्णकला केंद्र के संचालक राकेश वर्मा अपनी बड़ी बेटी की 29 अप्रैल को होने वाली सगाई के निमंत्रण कार्ड बांटने गए हुए थे। इस दौरान उनकी छोटी बेटी अमृता वर्मा दुकान संभाल रही थी। करीब 2:20 बजे दो युवक ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुए और गहने दिखाने को कहा। जैसे ही अमृता गहने दिखाने लगी, एक युवक ने अचानक करीब 20 ग्राम के 4-5 जोड़ी कान के झाले झपट्टा मारकर उठा लिए और भागने लगा। घटना को देखते ही अमृता ने घबराने के बजाय साहस दिखाया। उसने जोर से शोर मचाया और बदमाशों के पीछे दौड़ पड़ी। इतना ही नहीं, उसने एक बदमाश को पकड़कर गिरा भी दिया, लेकिन वह खुद को छुड़ाकर भाग निकला। इस दौरान अमृता के हाथ में चोट भी आई। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दूसरा बदमाश सरया सब्जी मंडी के पास बाइक लेकर पहले से खड़ा था। दोनों आरोपी बाइक से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। क्षेत्र में चर्चा और सवाल इस घटना के बाद अमृता की बहादुरी की हर तरफ सराहना हो रही है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि दिनदहाड़े इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद आसपास मौजूद लोगों ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश क्यों नहीं की। 👉 यह घटना एक तरफ जहां सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, वहीं दूसरी ओर एक नाबालिग लड़की के साहस और सूझबूझ की मिसाल भी पेश करती है।