तहसील दिवस में गूंजे सहजनवा के जनसरोकार के मुद्दे: सड़क से अस्पताल

तहसील दिवस में गूंजे सहजनवा के जनसरोकार के मुद्दे: सड़क से अस्पताल और प्रदूषण से मजदूरों की समस्याओं तक उठी आवाज सहजनवा/गोरखपुर। सहजनवा तहसील क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर तहसील दिवस अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में क्षेत्र की सड़क, स्वास्थ्य व्यवस्था, औद्योगिक प्रदूषण और श्रमिकों से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में सबसे पहले सरैया से जीरो प्वाइंट तक आवागमन की समस्या का मुद्दा उठाया गया। आरोप है कि इस मार्ग पर पर्याप्त कट/क्रॉसिंग उपलब्ध नहीं होने के कारण आम जनता और व्यापारियों को करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इससे जहां लोगों का समय और ईंधन खर्च बढ़ रहा है, वहीं स्थानीय व्यापार पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही गई है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से मार्ग की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। दूसरी प्रमुख समस्या ग्राम सभा पिपरा से तहसील होकर मुख्य सड़क तक जाने वाले रास्ते को लेकर सामने आई। ज्ञापन में कहा गया है कि इस रास्ते को बंद किए जाने का अल्टीमेटम दिए जाने से ग्रामीणों में चिंता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग उनके दैनिक आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में रास्ता बंद होने की स्थिति में लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ सकता है। ज्ञापन में सहजनवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। क्षेत्र की बड़ी आबादी और औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले हजारों लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए पर्याप्त चिकित्सकों, दवाओं और जांच सुविधाओं की मांग की गई। आरोप लगाया गया कि अस्पताल में मानक के अनुरूप चिकित्सकों एवं दवाओं की उपलब्धता नहीं है। होम्योपैथिक केंद्र और लैब में आवश्यक किट की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया गया है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से व्यवस्थाओं की जांच कर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। वहीं गीडा क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण का मुद्दा भी ज्ञापन में प्रमुखता से शामिल रहा। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ बड़ी फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं और प्रदूषक तत्व आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं। इससे क्षेत्रीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। लोगों ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग से नियमित जांच और मानकों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा गीडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों के वेतन और अधिकारों का मुद्दा भी उठाया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ स्थानों पर श्रमिकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पारिश्रमिक नहीं दिया जा रहा है तथा उनके श्रम अधिकारों का हनन हो रहा है। श्रमिकों के वेतन, कार्य परिस्थितियों और अन्य सुविधाओं की जांच कराने की मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से सभी समस्याओं की स्थलीय जांच कर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की गई है। अब देखना यह है कि तहसील दिवस में उठाए गए इन जनहित के मुद्दों पर प्रशासन किस स्तर तक कार्रवाई करता है और सहजनवा क्षेत्र के लोगों को कब तक राहत मिलती है।