किसी के लिए उम्मीद, किसी के लिए छलावा समर्थन और विरोध के
किसी के लिए उम्मीद, किसी के लिए छलावा समर्थन और विरोध के बीच बंटा जनमत सत्ता बोली-विकास का रोडमैप, विपक्ष बोला-जुमलों का पुलिंदा सुलतानपुर-केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026 को लेकर जिले में राजनैतिक, शैक्षिक और सामाजिक क्षेत्रों से तीखी,और विविध प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां एक ओर बजट को आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में मजबुत कदम बताया गया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष और मध्य वर्ग के लोगों ने आशंकाओं को दस्तावेज करार दिया। बजट को लेकर सामाजिक संगठनों और राजनैतिक दलों ने अपने-अपने दृष्टिकोण अपनाए। गणपत सहाय पीजी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर (अर्थशास्त्र) डॉ. दिनेश चंद्र द्विवेदी ने बजट को समय की समस्याओं का उत्तर देने वाला बताया। कहा कि यह बजट केवल कागजों का दस्तावेज नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास और ग्रामीण उत्थान पर फोकस आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करता है। एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़ निवेश, बुजुर्गों के लिए मेडिकल केयर इकोसिस्टम, कैंसर की 17 दवाओं पर सीमा शुल्क छूट जैसे प्रावधान दीर्घकालिक लाभ देने वाले हैं। 👉वहीं, गणपत सहाय पीजी कॉलेज के प्राचार्य एवं अर्थशास्त्री प्रो. ने बजट 2026 को भरोसे, भागीदारी और बरावरी का बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट रक्षक, क्षमता और सबका साथ व सबका विकास पर आधारित है। इसके उलट कांग्रेस पार्टी के न. राष्ट्रीय मीडिया कोऑर्डिनेटर राजेश तिवारी ने बजट को पूरी तरह निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट सिर्फ जुमलों का पुलिंदा है, जिसमें रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में कोई ठोस कदम नहीं है। युवाओं, महिलाओं और छोटे व्यापारियों के लिए बजट उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता और 2047 के सपना दिखाकर आम जनता को गुमराह किया जा रहा है। उधर, भाजपा जिला कार्यालय से 26 मंडलों का लाइव प्रसारण देखा गया। प्रदेश मंत्री और जिला प्रभारी मीना चौबे ने बजट 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने का रोडमैप बताया। भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे लोकल से ग्लोबल की दिशा मजबूत होगी और छोटे कारोबारियों को लाभ मिलेगा। *बजट में उद्योगों व स्वास्थ्य को बढ़ावा, रसोई की महंगाई से महिलाओं को चिंता* 👉विशेषज्ञों की नजर: देहली बाजार स्थित हरिशंकर हार्डवेयर के एमडी संतोष कुमार तिवारी ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि राजनैतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के पुनरुद्धार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर सरकार का जोर देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारियों के साथ-साथ आम जनता को भी लाभ होगा। 👉गृहणी पूनम धर्मेंद्र शुक्ला ने बजट को महत्वाकाक्षी बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में प्राथमिकता देना सराहनीय कदम है। बच्चों के खेलने से जुड़े सामान सस्ते किए जाने से मध्यम और गरीब वर्ग को राहत मिलेगी। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज से जुड़े प्रावधानों से उन्होंने स्वागत योग्य बताया, लेकिन रसोई गैस और खाद्य पदार्थों की महंगाई पर राहत मिलने की निराशा जताई। बल्दीराय निवासी बुजुर्ग गौरिशंकर आर्य ने बजट को जनहितकारी बताते हुए कहा कि लम्बी और गंभीर बीमारियों से जुड़े मरीजों के लिए किए गए प्रावधान अत्यंत लाभकारी हैं। खेल और सामग्रियों की सस्ती कीमतों से दिग्गजों के कल्याण के कदमों की भी सराहना की और युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि बल्दीराय में तैनात चिकित्सक डॉ. अशोक मिश्र ने कहा कि इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के विस्तार और कैंसर की दवाओं को सस्ता किए जाने से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देकर भारतीय चिकित्सा पद्धति को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में यह बजट अहम साबित होगा। साथ ही तीन नये एम्स की स्थापना से देश में स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत होंगी।