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Rahul kumar singh
Sultanpurलगभग १ घंटा पहले

सीजेएम कोर्ट ने विवेचक व सीओ नगर को किया तलब एसपी के

सीजेएम कोर्ट ने विवेचक व सीओ नगर को किया तलब एसपी के माध्यम से अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट ने आईओ व सीओ को दिया है आदेश,18 को पेशी,नोटिस जारी* *विजय नारायण हत्याकांड की जांच में ओवर राइटिंग व अन्य लापरवाही से जुड़ा मामला* --------------------------------------- सुलतानपुर। विजय नारायण सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी अजय सिंह सिलावट के खिलाफ चार्जशीट पेश हो जाने के बाद अन्य आरोपियो के खिलाफ चल रही जांच रिपोर्ट शुक्रवार को क्राइम ब्रांच की इंस्पेक्टर सीमा सरोज ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया। इस विवेचना रिपोर्ट को सीओ नगर ने पर्यवेक्षण करते हुए अग्रसारित किया है। कोर्ट में विवेचना रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान ओवर राइटिंग व अन्य लापरवाहियो से जुड़ा मामला सामने आया। सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एसपी के माध्यम से अपना स्पष्टीकरण पेश करने के लिए विवेचक हंसमती व सीओ नगर को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से 18 अप्रैल के लिए तलब किया है। कोतवाली नगर के नारायनपुर निवासी सतीश नारायण सिंह ने सात अप्रैल 2024 को पल्लवी होटल के सामने अपने भाई विजय नारायण सिंह की गोली मारकर की गई हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें अम्बेडकर नगर जिले के महरुआ निवासी अजय सिंह सिलावट,पयागीपुर निवासी दीपक मिश्र, डॉक्टर घनश्याम तिवारी की पत्नी निशा तिवारी,सह आरोपी विनय तिवारी व अन्य का नाम मुकदमे में शामिल किया था। मामले में पुलिस ने मात्र अजय सिंह सिलावट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है,जिसके खिलाफ एडीजे प्रथम की कोर्ट में ट्रायल चल रहा है और मामले में गवाही के लिए 23 अप्रैल की तारीख तय है। मामले में छह नामजद व कुछ अज्ञात आरोपियो के खिलाफ विवेचना लम्बित रही। जिसके सम्बन्ध में पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में अन्य आरोपियो की घटना में संलिप्तता नहीं पाया जाना बताया है और फिर से अजय सिंह सिलावट को आरोपी दर्शाते हुए सबूत तलब कर दण्डित किए जाने की मांग मजिस्ट्रेट कोर्ट से किया है,जबकि पूर्व में ही अजय सिंह की पत्रावली मजिस्ट्रेट कोर्ट से संज्ञान के बाद सेशन कोर्ट के सुपुर्द होकर लम्बित चल रही है। ऐसे ही अन्य कई बड़ी लापरवाहियां कोर्ट में सामने आई है। अदालत का मानना है कि इतने गम्भीर मामले की जांच में भी जाँच अधिकारी की तरफ से सरसरी तौर पर रिपोर्ट तैयार की गई और विवेचना रिपोर्ट का पर्यवेक्षण कर कोर्ट भेजने के लिए अग्रसारित करने वाले क्षेत्राधिकारी नगर के जरिए भी महज खानापूर्ति की गई।अदालत ने जिम्मेदार पुलिस अफसरों की कार्यशैली पर संज्ञान लेते हुए विवेचना रिपोर्ट पर प्रसंज्ञान के पूर्व विवेचक हंसमती व सीओ नगर सौरभ सामंत से जवाब-तलब करते हुए एसपी के माध्यम से पक्ष रखने का आदेश दिया है।

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