बैंकों द्वारा अकारण आवेदनों को लंबित रखे जाने पर होगी विधिक कार्यवाही-जिलाधिकारी।*
बैंकों द्वारा अकारण आवेदनों को लंबित रखे जाने पर होगी विधिक कार्यवाही-जिलाधिकारी।* सुलतानपुर 27 अप्रैल/जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में नवीन सभागार कलेक्ट्रेट में पी०एम0 सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति समीक्षा, प्रशिक्षण कार्यक्रम व जनपद सुलतानपुर को पीएम सूर्य घर योजना से संतृप्त किये जाने के सम्बन्ध में परियोजना अधिकारी यू0पी0 नेडा, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, जिला अग्रणी प्रबन्धक बैंक ऑफ बड़ौदा, समस्त वेंडर्स, बैंकों के प्रतिनिधि सहित अन्य सम्बन्धित विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में आयोजन किया गया। उक्त बैठक में लखनऊ से आये हुए पीएम सूर्य घर योजना के विशेषज्ञों द्वारा योजना के बारे में प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रशिक्षिका वसुधा द्वारा अवगत कराया गया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एक अति महात्वाकांक्षी योजना है, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर सयंत्र लगाने पर केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा निम्नवत सब्सिडी उपलब्ध करायी जा रही हैः- 01 किलोवाट के सयंत्र पर रू० 45000.00, 02 किलोवाट के सयंत्र पर रू0 90000.00, 03 किलोवाट के सयंत्र पर रू0 108000.00 का अनुदान तथा 04 किलोवाट से 10 किलोवाट तक 108000.00 अन्तर्गत स्वीकृत विद्युत भार के उपभोक्ताओं को रू० 108000.00 का अनुदान अधिकतम देय है। प्रति किलोवाट से संयंत्र की दर रू० 65000.00 किलोवाट अनुमानित है। जिलाधिकारी महोदय ने उपस्थित सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सभी अपने -अपने विभाग के लोगों को सोलर सयंत्र लगाने हेतु प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एक रोजगार परक योजना है, जिसमें आई0टी0आई0 /पॉलिटेक्निक के छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वारोजगार के लिये प्रोत्साहित किया जाना चाहिये। उन्होंने सभी को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऑनग्रिड/हाईब्रिड सोलर सयंत्र लगवाना बेहतर रहेगा। उन्होंने सभी को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण कार्यशाला को ध्यान पूर्वक सुनें तथा इस योजना से लाभान्वित हों। उन्होंने जिला अग्रणी प्रबन्धक बैंक ऑफ बड़ौदा को सख्त निर्देश दिये कि बैंकों में लंबित योजना से सम्बन्धित आवेदन का ससमय निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने विद्युत विभाग व सभी बैंकों के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बिना किसी वाजिब कारण के योजना से सम्बन्धित आवेदनों को लंबित रखा जाता है तथा ऋण भुगतान में देरी किये जाने पर उनके विरूद्ध सख्त विधिक कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने अवगत कराया कि उक्त योजना रोजगार का सबसे बड़ा साधन है। अभी जनपद में वेन्डरों की संख्या बहुत कम है, हमें उनकी संख्या को 25 से बढ़ाकर 250 तक ले जाना होगा, तभी हम केन्द्र व प्रदेश सरकार के लक्ष्य को प्राप्त कर रोजगार सृजन को भी बढ़ा पायेंगे। उन्होंने बैठक में आये उपस्थित वेन्डरों से संवाद कर उन्हें आ रही कठिनाईयों के बारे में जानकारी प्राप्त की। वेन्डरों द्वारा अवगत कराया गया कि बैंकों द्वारा पेपर वर्क में अधिक समय व्यतीत किया जाता है तथा विद्युत विभाग द्वारा भी सोलर मीटर कनेक्शन देने में बहुत देरी की जाती है, जिससे उपभोक्ताओं को कठिनाई होती है। वेन्डरों द्वारा अनुरोध किया गया कि विद्युत विभाग में सोलर के लिये अलग डेस्क बनाई जाये, जिससे सोलर से सम्बन्धित सभी समस्याओं का समाधान एक ही पटल से किया जा सके। जिलाधिकारी महोदय द्वारा सभी वेन्डरों को निर्देशित किया गया कि यदि उन्हें योजना के सम्बन्ध में बैंक या विद्युत विभाग व अन्य किसी प्रकार की कठिनाई आती है, वह सीधे उन्हें अवगत करायें। उसका तुरन्त समाधान किया जायेगा तथा जिस स्तर पर कार्यवाही लंबित होगी उस विभाग व व्यक्ति के खिलाफ सख्त विधिक कार्यवाही की जायेगी। प्रस्तुतीकरण में सभी को अवगत कराया गया कि योजना का उद्देश्य सोलर के लाभ व व्यवसाय के रूप में अवसर तथा युवाओं को स्वारोजगार के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना लाभकारी व सरकार की अत्यन्त महात्वाकांक्षी योजना है आने वाला समय ऊर्जा का है। हमें इस योजना का लाभ उठाते हुए आवेदनों को और बढ़ाने हेतु अपनी कार्यशैली में सुधार करने की आवश्यता है। उन्होंने सभी को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद को प्रथम स्थान पर लाने हेतु हमें ऊर्जा व स्वच्छता की दिशा में सतत् सार्थक प्रयास करना होगा। उपायुक्त उद्योग द्वारा अवगत कराया गया कि सीएम युवा उद्यमी योजना को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़कर युवाओं को स्वारोजगार हेतु पॉच लाख तक का ऋण प्रदान कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने सभी बैंकों को उनके स्तर पर योजना से सम्बन्धित लंबित आवेदनों की स्थिति अवगत कराया तथा उन्हें जल्द से जल्द कार्यविधि में लाते हुए लंबित प्रकरणों को कम किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।