4460 दुर्गा प्रतिमाएं होंगी स्थापित, प्रशासन ने विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब

4460 दुर्गा प्रतिमाएं होंगी स्थापित, प्रशासन ने विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब तैयार किए डीएम-एसएसपी ने पीस कमेटी, पूजा समितियों और डीजे संचालकों से किया सीधा संवाद, पर्व में व्यवस्था से समझौता नहीं डीजे की आवाज, बिजली के तार, पंडाल सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा पर सख्त निर्देश, 100 से अधिक स्थानों पर भंडारों में भी रहेगी पुलिस की निगरानी निर्धारित रूट और समय से होगा विसर्जन, प्रशासन द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाबों में ही प्रतिमाओं का विसर्जन कराने के निर्देश गोरखपुर। शारदीय नवरात्रि और दुर्गापूजा को लेकर गोरखपुर में इस बार बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं। जिले में कुल 4460 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। सिटी क्षेत्र में 1465, दक्षिणी क्षेत्र में 1283 और उत्तरी क्षेत्र में 1712 प्रतिमाएं स्थापित होंगी। बड़ी संख्या में पूजा पंडाल, रामलीला और धार्मिक आयोजन होने के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा, यातायात, बिजली, साफ-सफाई और विसर्जन व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। प्रशासन ने विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब भी तैयार कराए हैं और पूजा समितियों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार इन्हीं स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन कराने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को पुलिस लाइन में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ की अध्यक्षता में पीस कमेटी, रामलीला समितियों, डीजे संचालकों, पूजा समितियों, पंडाल आयोजकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में पर्व के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं पर सीधे संवाद किया गया और अधिकारियों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। जिले में स्थापित होने वाली 4460 प्रतिमाओं में नगर क्षेत्र के कोतवाली सर्किल में 331, कैंट में 612 और गोरखनाथ में 521 प्रतिमाएं स्थापित होंगी। उत्तरी क्षेत्र के कैंपियरगंज सर्किल में 499, गीडा में 392 और चौरीचौरा में 821 प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। दक्षिणी क्षेत्र के बांसगांव में 459, गोला में 431 और खजनी सर्किल में 393 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित होंगी। इतनी बड़ी संख्या में प्रतिमाओं की स्थापना और विसर्जन को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्रवार तैयारियों पर विशेष जोर दिया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि नवरात्रि और दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन द्वारा जुलूस और विसर्जन के लिए निर्धारित रूट और समय का सभी पूजा समितियों को पालन करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर सड़क, बिजली, साफ-सफाई, यातायात और सुरक्षा से जुड़ी कमियों को पर्व शुरू होने से पहले ही दूर करा लिया जाए। डीएम ने कहा कि पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाए, लेकिन व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पूजा समितियों और आयोजकों से भी अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाने तथा पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ ने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ आम लोगों के आवागमन की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। भीड़भाड़ और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। डीजे संचालकों को निर्धारित मानकों के अनुसार ही डीजे बजाने के निर्देश दिए गए। ध्वनि की तीव्रता निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। डीजे वाहनों पर अनावश्यक रूप से ऊंचे सेटअप से भी बचने को कहा गया। अधिकारियों ने स्पष्टनामावली को संक्षिप्त कर दें दोहराव हटाकर खबर कस दें डीएम-एसएसपी निर्देशों को ऊपर लाएं किया कि धार्मिक आयोजन के नाम पर ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए जिससे आसपास के लोगों, बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को परेशानी हो। पंडालों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। बिजली के तारों को सुरक्षित रखने, खुले तारों को तत्काल ठीक कराने और पंडालों में अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकलने में परेशानी न हो, इसके लिए एक से अधिक निकास द्वार रखने पर भी जोर दिया गया। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने पूजा समितियों को भी जिम्मेदारी दी। भीड़ में महिलाओं से अभद्रता करने वाले अथवा माहौल खराब करने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। आयोजकों से अपने स्तर पर स्वयंसेवकों की व्यवस्था करने और भीड़ नियंत्रण में पुलिस का सहयोग करने को कहा गया। विसर्जन व्यवस्था को लेकर बैठक में विशेष चर्चा हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रतिमाओं का विसर्जन प्रशासन द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाबों में ही कराया जाएगा। विसर्जन के लिए निर्धारित मार्ग और समय का कड़ाई से पालन करना होगा। किसी भी समिति को अपनी सुविधा के अनुसार मार्ग या समय बदलने की अनुमति नहीं होगी। इससे यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। प्रशासन द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाबों पर विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और यातायात पुलिस की तैनाती के साथ भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था रहेगी। पूजा समितियों से कहा गया कि वे जुलूस को निर्धारित मार्ग से ही लेकर जाएं और कृत्रिम तालाबों पर प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था का पालन करें। अधिकारियों ने बताया कि विसर्जन के दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर निकलेंगे। जिले में 100 से अधिक स्थानों पर भंडारे भी आयोजित किए जाएंगे। ऐसे स्थानों पर भीड़ और यातायात प्रबंधन के साथ पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया। महिला कांस्टेबल की तैनाती भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि महिलाओं और बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अपर जिलाधिकारी नगर गजेन्द्र कुमार ने बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैठक में सामने आने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराया जाए। अधिकारियों को केवल कागजी तैयारी करने के बजाय मौके पर पहुंचकर पंडाल, विसर्जन मार्ग, भीड़भाड़ वाले स्थान और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण करने को कहा गया। बैठक में एसपी सिटी निमिष पाटिल, एसपी उत्तरी राजेश गुनावत, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मुकुल खंडेलवाल, एडीएम सिटी गजेन्द्र कुमार, एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ कैंट अरुण कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसपी दक्षिणी दिनेश पुरी, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव, एसपी मंदिर सुरक्षा, एसपी अपराध अयोध्या प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त नगर निगम गौरव रंजन सिंह, ओएसडी जीडीए संजीव दीक्षित, एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह, एसडीएम बांसगांव मलखान सिंह, एसडीएम गोला मनीष कुमार, एसडीएम सहजनवां नमन मेहता, एसडीएम कैंपियरगंज आलोक सिंह, एसडीएम चौरीचौरा रवि सिंह, एसीएम प्रथम पवन कुमार जायसवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा सीओ गीडा आभा सिंह, सीओ खजनी दीपांशी राठौर, सीओ यातायात मनीष शर्मा, सीओ बांसगांव अनुज कुमार सिंह, सीओ गोला दरवेश कुमार, सीओ चौरीचौरा कुंदन कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह सहित संबंधित क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। पीस कमेटी की ओर से सचिव सुधाकर पांडेय, आदिल अमीन, शाकिर अली सलमानी, अब्दुल्ला भाई, अचिंत्य लाहिड़ी, इक़रार अहमद, इरशाद अहमद, अमर चटर्जी, विकास जालान, मुर्तुजा रहमानी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। रामलीला समितियों के पदाधिकारी, डीजे संचालक, पंडाल आयोजक, सिविल डिफेंस के कार्यकर्ता और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि नवरात्रि और दुर्गापूजा का पर्व श्रद्धा, उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया जाए, लेकिन कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। जिले में 4460 प्रतिमाओं की स्थापना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्रवार निगरानी बढ़ाने के साथ विसर्जन व्यवस्था को भी पहले से व्यवस्थित करना शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा तैयार किए गए कृत्रिम तालाबों में विसर्जन और निर्धारित रूट-समय का पालन ही पर्व के दौरान सुचारु व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी होगी।