अधिवक्ता और दस्तावेज लेखकों ने निजीकरण के विरोध मे दिया धरना सौपा
अधिवक्ता और दस्तावेज लेखकों ने निजीकरण के विरोध मे दिया धरना सौपा ज्ञापन, *निजीकरण के विरोध मे अधिवक्ताओ ने उपनिबंधक कार्यालय मे जड़ा ताला* सहजनवा, गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों (उपनिबंधक कार्यालयों) के संभावित निजीकरण के विरोध में बार एसोसिएशन तहसील इकाई सहजनवा के अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार सहजनवा राकेश कंनौजिया को सौंपा। अधिवक्ताओं ने निजीकरण के प्रस्ताव को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। बार एसोसिएशन सहजनवा के अध्यक्ष कृष्ण कुमार त्रिपाठी एडवोकेट एवं मंत्री राघवेंद्र सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि रजिस्ट्री कार्यालय राज्य सरकार की महत्वपूर्ण राजस्व एवं जनसेवा व्यवस्था का हिस्सा हैं, जहां भूमि, भवन और अन्य संपत्तियों के पंजीकरण का कार्य पूरी पारदर्शिता और सरकारी निगरानी में संपन्न होता है। यदि इन कार्यालयों का निजीकरण किया जाता है तो भ्रष्टाचार, अनियमितता, मनमानी शुल्क वसूली और आम नागरिकों के शोषण की आशंकाएं बढ़ जाएंगी। अधिवक्ताओं ने कहा कि निजीकरण की स्थिति में हजारों अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता और संबंधित कर्मचारियों की आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे न केवल रोजगार संकट उत्पन्न होगा बल्कि आम जनता को भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ झेलना पड़ सकता है। निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र गौड़, कनिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष केसरी, कोषाध्यक्ष सत्यवीर, संयुक्त मंत्री अभिषेक श्रीवास्तव, सतीश कन्नौजिया,शनि शुक्ला रंगनाथ पांडेय रामनारायण भारती, अनिल श्रीवास्तव लक्ष्मी चौरसिया सहित अनेक अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक उपस्थित रहे।