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Rajkumar Raj
Gorakhpur२८ मिनट पहले

अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के तहत गोरखपुर में महिला किसान दिवस का

अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के तहत गोरखपुर में महिला किसान दिवस का

अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के तहत गोरखपुर में महिला किसान दिवस का आयोजन महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक, महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर कृषक-वैज्ञानिक संवाद में रबी की खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों पर होगा मंथन विकास भवन सभागार में 15 और 16 अक्टूबर को कृषि विभाग की ओर से आयोजित हो रहा दो दिवसीय कार्यक्रम गोरखपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष (आईवाईडब्ल्यूएफ-2026) के अवसर पर कृषि विभाग की ओर से गोरखपुर में महिला किसान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के अंतर्गत 15 और 16 अक्टूबर को विकास भवन सभागार में कृषक-वैज्ञानिक संवाद (रबी)-2026 आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत महिला किसानों को कृषि की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने, वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। बैठक की अध्यक्षता महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी नवीनतम जानकारियां उपलब्ध कराने के साथ कृषि विशेषज्ञों और किसानों के बीच संवाद स्थापित करना है। इसके माध्यम से रबी की फसलों की तैयारी, वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों और कृषि उत्पादन को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की जा रही है। किसानों को अपनी समस्याएं विशेषज्ञों के सामने रखने और उनके समाधान की जानकारी प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष-2026 के अवसर पर महिला किसान दिवस का आयोजन कृषि क्षेत्र में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को पहचान देने की दिशा में अहम पहल है। महिलाएं बुवाई, रोपाई, निराई-गुड़ाई, फसलों की कटाई और उपज के रखरखाव सहित खेती के विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, प्रशिक्षण और कृषि विभाग की योजनाओं से जोड़ना आवश्यक है। महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में महिला किसानों को प्रोत्साहित करने तथा कृषि क्षेत्र में उनकी भागीदारी को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संवाद किया गया। महिला किसानों को खेती से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे महिलाओं को कृषि क्षेत्र में अपनी क्षमता और अनुभव का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिल सकता है। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के अंतर्गत आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संवाद का उद्देश्य कृषि वैज्ञानिकों की जानकारी को किसानों तक पहुंचाना है। रबी की फसलों की बुवाई और बेहतर उत्पादन के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाना महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को फसलों की देखभाल, कृषि संसाधनों के बेहतर उपयोग और उत्पादन क्षमता बढ़ाने से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। कृषि विभाग की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से महिला किसानों को कृषि विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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