बकरीद : गोरखपुर पारंपरिक कुर्बानी के लिए 44 स्थान तय तीन दिन
बकरीद : गोरखपुर पारंपरिक कुर्बानी के लिए 44 स्थान तय तीन दिन तक चलेगी कुर्बानी, मेयर की अपील-नालियों में न बहाएं कुर्बानी का अवशेष- पार्षदों एवं नगर निगम अधिकारियों की बैठक में दिए आवश्यक निर्देशगोरखपुर। नगर निगम की ओर से बकरीद (ईद-उल-अजहा) को लेकर मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने बैठक की। उन्होंने 28 मई को मनाए जाने वाले पर्व पर नमाज के बाद शुरू होने वाली कुर्बानी प्रक्रिया महानगर के 44 पारंपरिक स्थलों पर कराने का आदेश दिया।मेयर ने कहा कि कुर्बानी के दौरान निकलने वाले अपशिष्ट का समयबद्ध और स्वच्छ निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। कहा कि सार्वजनिक स्थानों और नालियों में किसी भी प्रकार का अपशिष्ट न डालें, ताकि जलनिकासी और सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। कुर्बानी अवशेषों को वैज्ञानिक विधि से निस्तारण किया जाएगा। कर्मचारियों, वाहन चालकों, सफाई निरीक्षकों और कार्यवाहक निरीक्षकों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। सभी सफाई सुपरवाइजरों और कार्यवाहक मेट को अपने-अपने वार्डों के कुर्बानी स्थलों, मस्जिदों और अन्य निर्धारित स्थानों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं ताकि कुर्बानी के बाद अवशेषों को तत्काल हटाया जा सके। बैठक में नगर निगम अधिकारी, जोनल अधिकारी, पार्षद और सफाई विभाग के अधिकारी सहित कई मौजूद रहे। -चलेगा विशेष सफाई अभियाननगर आयुक्त अजय जैन ने बताया कि संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक कुर्बानी स्थल पर अपशिष्ट निस्तारण के लिए समर्पित वाहन तैनात किए जाएंगे और तिरपाल से ढकी गाड़ियों के माध्यम से परिवहन कराया जाएगा। साथ ही त्वरित कार्रवाई के लिए क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) भी गठित की जाएगी।