कृषि विज्ञान केंद्र खेती का आदर्श मॉडल पेश करें : सूर्य प्रताप

कृषि विज्ञान केंद्र खेती का आदर्श मॉडल पेश करें : सूर्य प्रताप शाही लखनऊ। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के लिए मंदिर के समान हैं। यहां हो रहे शोध और नवाचार खेतों में वास्तविक बदलाव के रूप में दिखने चाहिए। प्रत्येक केवीके को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। मंगलवार को कृषि भवन सभागार में प्रदेश के 89 कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने रबी सीजन की अग्रिम तैयारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लेट सोइंग की प्रवृत्ति बदलनी होगी, लाइन सोइंग, इंटर क्रॉपिंग और बॉर्डर लाइनिंग जैसी उन्नत पद्धतियां अपनाई जाएं। कृषि मंत्री ने कृषि विश्वविद्यालयों के स्तर पर केवीके की रैंकिंग और हर दो माह में स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने बीज पोर्टल, कृषि यंत्र पोर्टल और 75 प्रतिशत अनुदान पर मिल रहे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का व्यापक प्रचार करने को कहा। उन्होंने 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता अभियान और सभी विकासखंडों में पांच दिवसीय किसान मेलों में केवीके की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव रवींद्र, विशेष सचिव लाल बहादुर यादव, तीनों कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, उपकार के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह, निदेशक कृषि टीएम त्रिपाठी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।