NHAI ने किया बैन, LDA ने थमा दिया 194 करोड़ का ठेका:

NHAI ने किया बैन, LDA ने थमा दिया 194 करोड़ का ठेका: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे धंसाने वाली PNC को फिर मिला बड़ा प्रोजेक्ट *लखनऊ।* एक तरफ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जगह-जगह धंस रहा है, गड्ढे और दरारें आने से NHAI को टोल तक बंद करना पड़ा, तो दूसरी तरफ उसी एक्सप्रेसवे को बनाने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट दे दिया है। *क्या है पूरा मामला?* कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण में गंभीर लापरवाही मिलने पर NHAI ने PNC इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित कर 3 साल के लिए नई परियोजनाओं की बोली से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। 26 जुलाई को एक्सप्रेसवे के करीब 300 मीटर हिस्से में सड़क खिसकने की घटना के बाद NHAI ने कारण बताओ नोटिस जारी कर यह कार्रवाई की थी। लेकिन LDA को इस प्रतिबंध से कोई मतलब नहीं है। LDA ने गोमती नदी के पास शहीद पथ को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ने वाले 4-लेन फ्लाईओवर, लूप और रैंप प्रोजेक्ट का ठेका इसी कंपनी को दे दिया है। *194 करोड़ की सबसे कम बोली लगाकर बनी L-1* LDA ने इस प्रोजेक्ट के लिए 215.65 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। टेंडर में PNC इंफ्राटेक ने सबसे कम 194.40 करोड़ रुपये की बोली लगाकर L-1 हासिल कर लिया। अन्य कंपनियों ने लगाई थी इतनी बोली - - GR इंफ्रा प्रोजेक्ट्स - 214.07 करोड़ - HG इंफ्रा इंजीनियरिंग - 215.11 करोड़ - NCC लिमिटेड - 216.73 करोड़ गावर कंस्ट्रक्शन, एम. वेंकट राव, आरकेसीपीएल और रॉयल इंफ्राकंस्ट्रू जैसी कंपनियां टेक्निकल राउंड में ही रिजेक्ट हो गईं। *LDA पर उठ रहे बड़े सवाल* इस टेंडर के बाद LDA की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं - 1. क्या NHAI की रोक LDA पर लागू नहीं होती? 2. जिस कंपनी की निर्माण गुणवत्ता पर राष्ट्रीय एजेंसी ने कार्रवाई की है, उसकी पात्रता की जांच LDA ने कैसे की? 3. क्या कंपनी के पिछले काम और उसके खिलाफ कार्रवाई को टेंडर में ध्यान में रखा गया? *LDA उपाध्यक्ष ने कहा - काम शुरू हो चुका है* इस पर LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा, _"गोमती नदी के पास शहीद पथ को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ने वाले फ्लाईओवर का टेंडर PNC को पहले ही जारी किया जा चुका है। परियोजना पर काम चल रहा है। यह विकास कार्य लखनऊ में बन रहे ग्रीन कॉरिडोर का हिस्सा है।"_ गौरतलब है कि 215 करोड़ से अधिक की यह परियोजना शहर के ट्रैफिक से सीधे जुड़ी है। एक तरफ एक्सप्रेसवे पर मरम्मत और तकनीकी जांच चल रही है, वहीं दूसरी तरफ उसी कंपनी को नया फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है, जिसकी गुणवत्ता का असर हजारों वाहन चालकों पर पड़ेगा।