Bansgaon Sandesh
Login
T
Lucknowलगभग २ घंटे पहले

लखनऊ विधायकों का फोन नहीं उठाने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई, विधानसभा

लखनऊ विधायकों का फोन नहीं उठाने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई, विधानसभा

लखनऊ विधायकों का फोन नहीं उठाने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने उठाया था मुद्दा उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायकों के फोन न उठाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद अध्यक्ष सतीश महाना ने शासन को कड़े निर्देश जारी करने को कहा। नियमों के उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। विधायकों के फोन नहीं उठाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा मंगलवार को सदन में इसका मुद्दा उठाए जाने के बाद यह व्यवस्था दी है, जिसमें अधिकारियों को उत्तरदायी बनाया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कार्यपालिका द्वारा विधायिका एवं न्यायपालिका के क्षेत्राधिकार में हस्तक्षेप करने की सूचना संविधान के प्रावधानों के संदर्भ में होने के कारण इसे स्वीकारा गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नियम 300 के अंतर्गत नेता प्रतिपक्ष की सूचना के बारे में चर्चा से परिलक्षित होता है कि अधिकारियों के स्तर पर विधायकों को सहयोग नहीं किया जा रहा है, जो चिंता का विषय है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने इस बाबत जारी शासनादेशों का पालन सुनिश्चित नहीं करने की बात कही, जो आपत्तिजनक है। यह स्पष्ट करना भी उपयुक्त होगा कि संविधान के अनुच्छेद 164 (2) के अंतर्गत मंत्री परिषद राज्य की विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी। विधानसभा के किसी सदस्य द्वारा यदि अधिकारियों से जनहित के कार्यों के लिए संपर्क किया जाता है तो वह सम्मान और समय दें तथा सुनवाई का अवसर प्रदान करें।  आगे ऐसा न हो तो उपयुक्त होगा इस सदन में कुछ दिन पहले कुछ अधिकारियों को दंडित किया गया था, आगे ऐसा न हो तो उपयुक्त होगा। दंड देने से यह परिलक्षित होता है कि अधिकारियों का आचरण संवैधानिक योजना के अनुरूप नहीं है। यदि ऐसी स्थिति आती है तो सदन के पास कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। शासन द्वारा विधायिका को मजबूत करने की पूरी पहल की जाती है, लेकिन कुछ अधिकारियों के स्तर पर सजग होकर इसका अनुपालन कराने की आवश्यकता है। कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका एक-दूसरे की पूरक हैं।तीनों एक-दूसरे की परिधि और क्षेत्राधिकार का सम्मान करें। अपने दायित्व, कर्तव्य, अधिकार एवं सीमाओं का दृढ़ता से पालन करें7 इसमें हस्तक्षेप लोकतंत्र के उद्देश्यों के विपरीत होगा। इससे आने वाली पीढ़ी के लिए हम सुखद विरासत नहीं छोड़ पाएंगे। तो फैलेगी अराजकता विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था बिगड़ने से अराजकता होगी, जिसको आने वाले समय में संभालना मुश्किल होगा। सदस्यों से भी अपेक्षित है कि वह कार्यपालिका और न्यायपालिका की मर्यादा का सम्मान करें। जो राजनेता अगली पीढ़ी के लिए काम करते हैं, उन्हें हम स्टेट्समैन की संज्ञा देते हैं। हम जनता के कार्यों के लिए ही यहां जुटते हैं। जारी होंगे निर्देश अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री से अनुरोध किया कि वह इस बाबत आवश्यक निर्देश जारी करें। जो आदेश पूर्व में कई बार जारी हो चुके हैं, उनका अनुपालन कराने का कड़ा निर्देश दें। शासनादेश का पालन न करना अधिकारियों की सेवा नियमावली का उल्लंघन है। अनुपालन नहीं करने वालों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए। 

0 likes
0 comments0 shares